लूव्र म्यूजियम में 7 मिनट की डकैती, 1.02 करोड़ डॉलर के गहने चोरी... पासवर्ड जानकर एलन मस्क ने कहा- WOW

Louvre Museum: दुनिया की कला और इतिहास का खजाना कहे जाने वाले पेरिस के लूव्र म्यूजियम में हाल ही में जो हुआ, उसने सबको चौंका दिया. 19 अक्टूबर की दोपहर, चार चोरों ने महज़ 7 मिनट में म्यूजियम से 1.02 करोड़ डॉलर के गहने उड़ा लिए.

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Louvre Museum: दुनिया की कला और इतिहास का खजाना कहे जाने वाले पेरिस के लूव्र म्यूजियम में हाल ही में जो हुआ, उसने सबको चौंका दिया. 19 अक्टूबर की दोपहर, चार चोरों ने महज़ 7 मिनट में म्यूजियम से 1.02 करोड़ डॉलर के गहने उड़ा लिए. लेकिन इस घटना में सबसे हैरान कर देने वाली बात यह नहीं थी कि चोरी दिनदहाड़े हुई, बल्कि यह थी कि म्यूजियम के वीडियो सर्विलांस सिस्टम का पासवर्ड सिर्फ “Louvre” था. हां, वही नाम जो म्यूजियम का खुद का नाम है.

सोशल मीडिया पर यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई. यूजर्स मजाक उड़ाते हुए लिखने लगे, “अगर कभी लगे कि आप अपने काम में अच्छे नहीं हैं, तो याद रखिए लूव्र ने अपनी अनमोल कलाकृतियों को पासवर्ड ‘Louvre’ से बचाया था.” खुद अरबपति एलन मस्क ने भी प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया, “वाह.”

7 मिनट में करोड़ों की चोरी

यह डकैती किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं लगती. चार नकाबपोश चोरों ने एक मूविंग ट्रक और लंबी सीढ़ी की मदद से म्यूजियम की पहली मंज़िल की गैलरी में सेंध लगाई. उन्होंने बड़ी सफाई से शीशे काटकर गहने निकाले और भाग निकले.

भागते वक्त उनके हाथ से हीरों और पन्नों से जड़ा एक ताज गिर गया, लेकिन वे आठ कीमती गहने लेकर फरार हो गए. इन गहनों में सबसे खास था वह एमराल्ड-डायमंड नेकलेस, जिसे नेपोलियन बोनापार्ट ने अपनी पत्नी एम्प्रेस मेरी-लुईज़ को भेंट किया था.

साइबर सुरक्षा की अनदेखी का नतीजा

जांच में सामने आया कि लूव्र म्यूजियम पिछले दस सालों से साइबर सुरक्षा और रखरखाव संबंधी समस्याओं से जूझ रहा था. कई बार इन मुद्दों की रिपोर्ट की गई, लेकिन कभी भी पूरी तरह समाधान नहीं हुआ. नतीजा, एक ऐतिहासिक और डिजिटल दोनों ही स्तर पर शर्मनाक चोरी.

फ्रेंच अधिकारियों ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनमें से कुछ पर पहले भी चोरी के आरोप लग चुके हैं. जांचकर्ताओं का मानना है कि यह चोरी किसी निजी कलेक्टर के कहने पर की गई थी.

इतिहास की सबसे बड़ी डिजिटल लापरवाही

यह घटना सिर्फ एक डकैती नहीं, बल्कि आधुनिक दौर के सबसे मशहूर संग्रहालय के लिए डिजिटल सुरक्षा की असफलता का प्रतीक बन गई है. जहां हर कलाकृति अरबों डॉलर की कीमत रखती है, वहीं उसका पासवर्ड ‘Louvre’ रखना इस सदी का सबसे बड़ा व्यंग्य साबित हुआ है.

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