'हार्ट ऑफ अर्थ है UP', क्या है सनातन का अर्थ? भारत 24 के खास कार्यक्रम में UP के मंत्री रघुराज सिंह ने दिया जवाब

Rising Bharat Leadership Summit 2026: आज राजधानी दिल्ली में Rising Bharat Leadership Summit 2026 का भव्य आयोजन हो रहा है. इस कार्यक्रम में रक्षा, राजनीति और राष्ट्रवाद से जुड़ी जानी-मानी हस्तियां शिरकत करने वाली है.

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Image Source: Bharat 24

Rising Bharat Leadership Summit 2026: आज राजधानी दिल्ली में Rising Bharat Leadership Summit 2026 का भव्य आयोजन हो रहा है. इस कार्यक्रम में रक्षा, राजनीति और राष्ट्रवाद से जुड़ी जानी-मानी हस्तियां शिरकत करने वाली है. इस बीच कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. रघुराज सिंह ने शिरकत की.

भारत जिसका मूल सनातन है, जिसकी रगों में सनातन है. लेकिन सनातन की परिभाषा कई लोगों के लिए अलग हैं. ऐसे में आज भारत-24 के खास कार्यक्रम में उसी सनातन पर डॉ. रघुराज सिंह से खास बातचीत हुई. आज का युवा भी सनातन को समझना चाहता है. ऐसे में आखिर सनातन का अर्थ क्या है, इसी सवाल के साथ रघुराज सिंह के साथ बातचीत की शुरुआत हुई. आइए जानते हैं उन्होंने इस सवाल के जवाब में क्या कहा.

भारत-24 के इस खास कार्यक्रम का लाइव प्रसारण आप नीचे दिए गए Youtube लिंक के जरिए देख सकते हैं

सनातन का अर्थ क्या है? 

इस सवाल के जवाब में और खास बातचीत की शुरुआत में डॉ. रघुराज सिंह ने कहा कि भगवान राम और भगवान श्री कृष्ण ने हिंदुस्तान में जन्म लिया. उसमें भी उत्तर प्रदेश की उत्तम भूमी पर जन्म लिया. उन्होंने कहा कि शायद कई लोगों को ये बात न मालूम हो कि आखिर उत्तर प्रदेश की इस उत्तम भूमी पर भगवान ने क्यों जन्म लिया? रघुराज सिंह बोले कि उत्तर प्रदेश ‘हार्ट ऑफ अर्थ’ है (Heart Of Earth).  उन्होंने कहा कि पहले के लोगों को इसलिए सभी ज्ञान होता था क्योंकि हमारे यहां साढ़े सात लाख गुरुकुल हुआ करते थे. इसलिए हमें पूरा ज्ञान था. आप जियोग्राफी का अर्थ निकाले तो उसका अर्थ निकलता है ‘चपटी’. हमारे खगोल शास्त्रियों ने पृथ्वी को भूगोल बताया. लेकिन आज भी जियोग्राफी का अर्थ चपटी ही है. 

ब्रह्मांड की रचना हुई, तब सनातन धर्म की रचना हुईः रघुराज सिंह 

सनातन पर इस बातचीत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि ये विश्व हमारे अनुसार चलता है. अब आप कहेंगे ऐसा कैसे? इसपर भी उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि जब ब्रह्मांड की रचना हुई तब सनातन धर्म की रचना हुई और सनातन धर्म की स्थापना हुई हम से ही सारे बने हैं हम किसी से नहीं बने हैं. यही सनातन धर्म है. 

पाताल लोक है अमेरिकाः रघुराज सिंह 

यहीं से भगवान शिव ने मां पार्वती को संदेश दिया था कि आज से मैं सृष्टि की रचना करने जा रहा हूं. उसके बाद यहां भगवान भी आए और भगवान गए भी, उन्होंने कहा कि इस विश्व में महामानव जरूर पैदा हुए हैं, लेकिन सभी नकलची निकले. इस दौरान उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान में मानवता है इसलिए इसे स्वर्गलोक कहा जाता है. इसी के साथ उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान स्वर्गलोक, अफ्रीका नर्क लोक और अमेरिका पाताल लोक है. 

भगवानों के इंजीनियर थे विश्वकर्मा

सभी जानते हैं कि सोने की लंका का निर्माण भगवान विश्वकर्मा जी द्वारा किया गया था. इसी बात को जोड़ते हुए 'राइजिंग भारत समिट' में बातचीत के दौरान रघुराज सिंह ने बताया कि कैसे अमेरिका टेक्नोलॉजी में भारत से आगे बढ़ा. उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा ने सोने की लंका का निर्माण करने के बाद अमेरिका में जाकर विश्राम यानी (आराम) किया था. इसलिए अमेरिका टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ा. उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा जी भी भगवानों के इंजीनियर थे, लेकिन कई लोगों को इस बात का ज्ञान नहीं. 

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