राजस्थान में पाकिस्तान सीमा के पास जाने पर लगा प्रतिबंध, क्या कुछ बड़ा करने की तैयारी में है भारत?

दिल्ली ब्लास्ट के बाद राजस्थान सरकार ने भारत-पाकिस्तान सीमा के पास सुरक्षा कड़ी करने के लिए एक अहम आदेश जारी किया है. श्रीगंगानगर जिले के कलेक्टर डॉ. मंजू ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास 3 किमी के दायरे में आवाजाही पर रोक लगाने का आदेश दिया है.

Restrictions imposed on travel near Pakistan border in Rajasthan
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दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस धमाके में 9 लोगों की जान चली गई, जबकि लगभग 20 लोग घायल हो गए हैं. धमाके के बाद, दिल्ली और आसपास के राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया है. गृह मंत्रालय ने इस मामले की जांच एनआईए (National Investigation Agency) को सौंप दी है. वहीं, राजस्थान और अन्य सीमावर्ती राज्यों में भी पुलिस और एटीएस की टीमों द्वारा आतंकवादी नेटवर्क की जांच के लिए छापेमारी जारी है. इस बीच, राजस्थान में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है, जिसे हम आपको विस्तार से बताएंगे.

राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास कड़े प्रतिबंध

दिल्ली ब्लास्ट के बाद राजस्थान सरकार ने भारत-पाकिस्तान सीमा के पास सुरक्षा कड़ी करने के लिए एक अहम आदेश जारी किया है. श्रीगंगानगर जिले के कलेक्टर डॉ. मंजू ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास 3 किमी के दायरे में आवाजाही पर रोक लगाने का आदेश दिया है. यह आदेश शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा, जिसका उद्देश्य सीमा के पास होने वाली घुसपैठ और किसी भी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकना है. इस कदम से न केवल सुरक्षा, बल्कि सीमा पर शांति की स्थिति को भी मजबूत किया जाएगा.

ध्वनि और प्रकाश पर भी कड़ी रोक

श्रीगंगानगर जिले में लागू इस प्रतिबंध के तहत, तेज ध्वनि और रोशनी वाले उपकरणों के इस्तेमाल पर भी पाबंदी लगा दी गई है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीमा के पास किसी भी संदिग्ध गतिविधि को छुपाया या अंजाम नहीं दिया जा सके. साथ ही, सीमा के करीब रहने वाले किसानों को खेती के लिए बॉर्डर पोस्ट अधिकारियों से अनुमति लेने की जरूरत होगी. बिना अनुमति के, वे अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक खेती नहीं कर सकेंगे. यह कदम आतंकवादियों द्वारा सीमा पार से घुसपैठ करने की कोशिशों को नाकाम करने के लिए उठाया गया है.

हनुमानगढ़ से आतंकवादियों के पास मिले हथियार

दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद, गुजरात एटीएस ने तीन आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से हथियार बरामद हुए थे. दिलचस्प बात यह है कि इन हथियारों का आपूर्ति हनुमानगढ़ के रास्ते से किया गया था. गुजरात एटीएस के अधिकारियों ने प्रेस ब्रीफिंग में इस बात की पुष्टि की कि हथियार राजस्थान के सीमावर्ती जिले हनुमानगढ़ से तस्करी के जरिए लाए गए थे. यह घटना सीमा पार से होने वाली तस्करी की गंभीरता को दर्शाती है, खासकर जब से ड्रोन के जरिए हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी तेजी से बढ़ी है.

ड्रोन के जरिए सीमा पार से तस्करी का बढ़ता खतरा

खुफिया एजेंसियों के अनुसार, सीमा पार से ड्रोन के जरिए तस्करी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. 2021 से अब तक, राजस्थान में श्रीगंगानगर और बीकानेर बॉर्डर से कुल 60 ड्रोन तस्करी मामले सामने आए हैं. इनमें से 56 मामले श्रीगंगानगर बॉर्डर से जुड़े हैं. पहले, सीमा पार से केवल नशे की तस्करी होती थी, लेकिन अब पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियारों की भी तस्करी की जा रही है. इन घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है, जिससे पाकिस्तान से हो रही तस्करी को रोकने के लिए और भी कड़ी निगरानी की आवश्यकता महसूस हो रही है.

भविष्य में सुरक्षा के उपाय और रणनीतियां

दिल्ली ब्लास्ट और राजस्थान में होने वाली छापेमारी के बाद, अब सरकार और सुरक्षा एजेंसियां सीमा सुरक्षा को और कड़ा करने के लिए नई रणनीतियों पर काम कर रही हैं. इससे पहले की घटनाओं से यह स्पष्ट हो गया है कि सीमा पर सुरक्षा की स्थिति और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है. राजस्थान सरकार ने जो कदम उठाए हैं, वह न केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी जरूरी हैं. आने वाले समय में, सीमा सुरक्षा के लिए तकनीकी उपायों के साथ-साथ, स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की भी आवश्यकता होगी.