RBI के द्वारा 11 लाख करोड़ रुपये का सोना बेचने की खबर निकली फेक, रिजर्व बैंक ने खुद बताई सच्चाई

RBI On Gold Reserves: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उन रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए अपने सोने के भंडार का एक हिस्सा बेच दिया है.

RBI selling gold worth Rs 11 lakh crore turned out to be fake Reserve Bank itself told the truth
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

RBI On Gold Reserves: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उन रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए अपने सोने के भंडार का एक हिस्सा बेच दिया है. आरबीआई ने स्पष्ट किया कि देश के फिजिकल गोल्ड रिजर्व में कोई कमी नहीं आई है और यह 880.52 मीट्रिक टन पर स्थिर बना हुआ है.

केंद्रीय बैंक ने कहा कि हाल में सामने आईं कुछ खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं और आम लोगों को केवल आरबीआई द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए. इस मुद्दे पर प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने भी फैक्ट-चेक जारी कर रिपोर्टों को भ्रामक बताया है.

किस दावे पर आया RBI का जवाब?

आरबीआई की प्रतिक्रिया उस रिपोर्ट के बाद आई जिसमें यह अनुमान लगाया गया था कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत के केंद्रीय बैंक ने अपने स्वर्ण भंडार का एक हिस्सा बेचकर विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों को मजबूत करने की कोशिश की हो सकती है.

रिपोर्ट में कुछ आर्थिक आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया गया था कि मई 2026 तक के दो सप्ताह के दौरान बड़ी मात्रा में सोना बेचा गया और साथ ही विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में वृद्धि की गई. इसी आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया था कि आरबीआई संभवतः अपने स्वर्ण भंडार का उपयोग कर रहा है. हालांकि केंद्रीय बैंक ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि वास्तविक आंकड़े ऐसी किसी बिक्री की पुष्टि नहीं करते.

गोल्ड रिजर्व में कमी नहीं, बल्कि बढ़ोतरी

आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2026 तक उसके पास कुल 880.52 मीट्रिक टन सोना मौजूद था. एक वर्ष पहले यानी 31 मार्च 2025 को यह आंकड़ा 879.58 मीट्रिक टन था.

इस प्रकार वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान केंद्रीय बैंक के स्वर्ण भंडार में लगभग 0.94 मीट्रिक टन की बढ़ोतरी दर्ज की गई. यह दर्शाता है कि रिजर्व बैंक ने अपने गोल्ड रिजर्व को कम नहीं किया, बल्कि उसमें वृद्धि की है.

विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ी सोने की हिस्सेदारी

आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है. सितंबर 2025 के अंत में यह हिस्सा 13.92 प्रतिशत था, जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70 प्रतिशत हो गया. वहीं 22 मई 2026 तक यह बढ़कर 16.85 प्रतिशत पर पहुंच गया. इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का महत्व पहले की तुलना में और बढ़ा है.

कहां रखा गया है भारत का सोना?

आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार कुल 880.52 मीट्रिक टन स्वर्ण भंडार में से 312.32 मीट्रिक टन सोना 'इश्यू डिपार्टमेंट' के तहत रखा गया है, जबकि 568.20 मीट्रिक टन 'बैंकिंग डिपार्टमेंट' के पास है.

इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने बताया कि उसके स्वर्ण भंडार का बड़ा हिस्सा अब भारत में ही रखा जा रहा है. मार्च 2026 तक कुल सोने का लगभग 77 प्रतिशत हिस्सा देश के भीतर संग्रहीत था, जबकि छह महीने पहले यह अनुपात करीब 66 प्रतिशत था.

आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील

आरबीआई ने कहा है कि वित्तीय और आर्थिक मामलों से जुड़ी अपुष्ट खबरों पर विश्वास करने के बजाय लोगों को केंद्रीय बैंक की आधिकारिक रिपोर्टों और बयानों को ही आधार मानना चाहिए. बैंक का कहना है कि उसके स्वर्ण भंडार को लेकर फैल रही अटकलों का वास्तविक आंकड़ों से कोई संबंध नहीं है.

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