RBI ने फिर नहीं घटाई ब्याज दरें, आम आदमी को नहीं मिली राहत

RBI Repo Rate: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की ताज़ा बैठक में आम जनता को उस राहत की उम्मीद पर पानी फिर गया, जिसका बेसब्री से इंतज़ार हो रहा था. लगातार दूसरी बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

RBI Repo Rate emi did not reduced again this time
Image Source: Social Media

RBI Repo Rate: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की ताज़ा बैठक में आम जनता को उस राहत की उम्मीद पर पानी फिर गया, जिसका बेसब्री से इंतज़ार हो रहा था. लगातार दूसरी बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है. मौजूदा दरें जस की तस बनी रहेंगी, जिससे होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन सस्ते होने की संभावना फिलहाल टल गई है.

आरबीआई ने ऐलान किया कि रेपो रेट को 5.50% पर स्थिर रखा गया है. बैठक में मौजूद छह सदस्यों में से पांच ने ब्याज दरों में कोई कटौती न करने के पक्ष में मतदान किया. इससे पहले अगस्त 2025 में भी केंद्रीय बैंक ने यही रुख अपनाया था. अर्थशास्त्रियों के एक वर्ग को उम्मीद थी कि रिज़र्व बैंक 0.25% की कटौती करके बाजार को एक पॉजिटिव झटका देगा, लेकिन आरबीआई ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया.

क्यों नहीं किया गया रेट में बदलाव?

जानकारों का मानना है कि ब्याज दरों को स्थिर बनाए रखने का निर्णय रणनीतिक है. हालाँकि महंगाई दर में कुछ नरमी देखने को मिली है, लेकिन वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने आरबीआई को सतर्क रहने पर मजबूर किया. विशेषज्ञों के मुताबिक, इस वित्त वर्ष में ब्याज दरों में कटौती से तत्काल कोई बड़ा असर ग्रोथ पर नहीं पड़ता, इसलिए केंद्रीय बैंक ने फिलहाल किसी भी जल्दबाज़ी से बचना बेहतर समझा.

अब उम्मीदें दिसंबर से

आरबीआई गवर्नर द्वारा दिए गए संकेतों से यह स्पष्ट हो गया है कि दिसंबर 2025 की मौद्रिक समीक्षा में रेपो रेट में कटौती की संभावनाएं बनी हुई हैं. इसके पहले, फरवरी और अप्रैल में 25-25 बेसिस प्वाइंट तथा जून में 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती हो चुकी है. इस तरह, साल 2025 में अब तक कुल 1% की कटौती की जा चुकी है, लेकिन हालिया दो बैठकों में कोई बदलाव न करना बताता है कि बैंक फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है.

महंगाई अनुमान में राहत की खबर

जहां एक ओर रेपो रेट स्थिर रखा गया, वहीं महंगाई को लेकर राहत भरी खबर आई है. आरबीआई ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए महंगाई दर के अनुमान में 0.50% की कटौती की है. अब नया अनुमान 2.6% रखा गया है, जो कि अगस्त में 3.1% था और उससे पहले 3.7%.यह कटौती इस बात का संकेत है कि कीमतों में स्थिरता लौट रही है, और आने वाले महीनों में नीति दरों पर इसका असर दिख सकता है.

यह भी पढ़ें: सस्ता या फिर महंगा, जानें फेस्टिव सीजन में घरेलू गैस सिलेंडर के नए दाम