जिस गेंदबाज को CSK ने नहीं दिया मौका, उसने एक ही मैच में झटके 7 विकेट; बना डाला ये रिकॉर्ड

Ramakrishna Ghosh In VHT: आईपीएल 2026 सीजन की तैयारियों के बीच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने जिन युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है, उनमें महाराष्ट्र के ऑलराउंडर रामकृष्ण घोष का नाम खास तौर पर चर्चा में है.

Ramakrishna Ghosh Vijay Hazare Trophy 2025-26 took 7 wickets in a single match CSK retain him
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Ramakrishna Ghosh In VHT: आईपीएल 2026 सीजन की तैयारियों के बीच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने जिन युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है, उनमें महाराष्ट्र के ऑलराउंडर रामकृष्ण घोष का नाम खास तौर पर चर्चा में है. सीएसके ने उन्हें आईपीएल 2025 से पहले नीलामी में 30 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था और भले ही उस सीजन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन फ्रेंचाइजी ने आईपीएल 2026 के लिए उन्हें रिटेन कर अपने इरादे साफ कर दिए थे. अब घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन दिखा रहा है कि सीएसके का यह भरोसा कितना सही साबित हो रहा है.

विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में 28 वर्षीय रामकृष्ण घोष ने महाराष्ट्र के लिए खेलते हुए हिमाचल प्रदेश के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 9.4 ओवर में 42 रन देकर 7 विकेट झटक लिए. यह विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में महाराष्ट्र के किसी भी गेंदबाज का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.

इससे पहले यह रिकॉर्ड डोमिनिक मुथुस्वामी के नाम था, जिन्होंने साल 2014 में मुंबई के खिलाफ 6 विकेट लिए थे. रामकृष्ण घोष ने इस आंकड़े को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया.

हिमाचल प्रदेश की बल्लेबाजी पर पूरी तरह हावी

रामकृष्ण घोष की घातक गेंदबाजी के सामने हिमाचल प्रदेश की बल्लेबाजी बिखर गई. टीम के शुरुआती चार बल्लेबाज उन्हीं का शिकार बने, जिससे हिमाचल दबाव में आ गया. नतीजा यह रहा कि पूरी टीम 50 ओवर भी नहीं खेल सकी और 270 रन पर ऑलआउट हो गई.

विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में किसी गेंदबाज द्वारा 7 या उससे ज्यादा विकेट लेने की यह केवल 12वीं घटना है. इस खास सूची में शाहबाज नदीम और अर्पित गुलेरिया 8-8 विकेट लेकर शीर्ष पर हैं, जबकि अब रामकृष्ण घोष का नाम भी इस उपलब्धि हासिल करने वाले गेंदबाजों में शामिल हो गया है.

बल्ले से भी करते हैं योगदान

रामकृष्ण घोष सिर्फ गेंद से ही नहीं, बल्कि बल्लेबाजी में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं. इस टूर्नामेंट के पहले मैच में उन्होंने पंजाब के खिलाफ 73 रन की अहम पारी खेली थी. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम दो अर्धशतक भी दर्ज हैं, जो उनकी ऑलराउंड क्षमता को दर्शाते हैं.

हालांकि टी20 क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड अभी ज्यादा प्रभावशाली नहीं रहा है. अब तक खेले गए 9 टी20 मैचों में उन्होंने 2 विकेट लिए हैं और बल्ले से 45 रन बनाए हैं. इसके बावजूद घरेलू वनडे और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके लगातार बेहतर होते प्रदर्शन ने उन्हें एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया है.

CSK के लिए क्यों अहम हो सकते हैं रामकृष्ण घोष?

चेन्नई सुपर किंग्स हमेशा से युवा खिलाड़ियों को तैयार करने और उन्हें मौके देने के लिए जानी जाती है. रामकृष्ण घोष का घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन यह संकेत देता है कि भविष्य में वह आईपीएल में भी खुद को साबित कर सकते हैं.

मजबूत गेंदबाजी के साथ उपयोगी बल्लेबाजी करने की क्षमता उन्हें सीएसके के संतुलन के लिए अहम बना सकती है. आईपीएल 2026 में अगर उन्हें मौका मिलता है, तो उनके मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि वह चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक सरप्राइज पैकेज साबित हो सकते हैं.

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