Patna Ram Navami 2026: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा है कि जैसे महाराष्ट्र की पहचान गणेश महोत्सव से और पश्चिम बंगाल की पहचान दुर्गा पूजा से होती है, वैसे ही पटना की पहचान भी रामनवमी महोत्सव से बने, इसी दिशा में काम किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि पटना में हर साल रामनवमी के मौके पर निकलने वाली भव्य शोभायात्रा अब सिर्फ धार्मिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि यह एक बड़ा सांस्कृतिक पर्व बन चुकी है. देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग, कलाकार और श्रद्धालु इसमें हिस्सा लेते हैं, जिससे यह आयोजन आपसी एकता का भी प्रतीक बन गया है.
डाकबंगला चौराहे का नाम बदलने की मांग
नितिन नवीन ने कहा कि रामनवमी के दिन पटना के डाकबंगला चौराहे पर लाखों की भीड़ जुटती है. लोगों की आस्था को देखते हुए लंबे समय से यह मांग हो रही है कि इस चौराहे का नाम बदलकर “श्री राम चौक” रखा जाए.
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नाम बदलने की बात नहीं है, बल्कि लोगों की भावना और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा मुद्दा है. उनका प्रयास रहेगा कि इस नाम को सरकारी रिकॉर्ड में भी दर्ज कराया जाए, ताकि इस परंपरा को सही सम्मान मिल सके.
इस बार की तैयारियां
इस साल भी पटना में रामनवमी को बहुत भव्य तरीके से मनाने की तैयारी है. शहर के अलग-अलग इलाकों से 52 झांकियां शोभायात्रा में शामिल होंगी. इन झांकियों में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक दृश्य दिखाए जाएंगे. कार्यक्रम को खास बनाने के लिए मुंबई की बैंड टीम, झारखंड की नृत्य मंडली, काशी से गंगा आरती की टीम और सिख समुदाय के निहंग भी अपनी प्रस्तुति देंगे.
आयोजन समिति के अध्यक्ष सरदार जगजीवन सिंह बबलू ने बताया कि इस बार महिलाओं की भागीदारी भी काफी ज्यादा रहेगी. शहर के मुख्य चौराहों को लगभग 2 लाख राम ध्वज से सजाया जाएगा और 1 लाख विक्रम संवत कैलेंडर बांटे जाएंगे.
डाकबंगला क्षेत्र को खासतौर पर चंदन नगर (पश्चिम बंगाल) की सुंदर लाइटों से सजाया जाएगा, जिससे माहौल और भी भव्य लगेगा. कुल मिलाकर, इस बार पटना में रामनवमी को एक बड़े उत्सव के रूप में मनाने की पूरी तैयारी है, ताकि शहर की एक अलग पहचान बन सके.
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