Ram Mandir Donation Row: अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट अहम सुनवाई करेगा. इस मामले में दाखिल कई याचिकाओं में स्वतंत्र जांच कराने और पूरी जांच प्रक्रिया को अदालत की निगरानी में संचालित करने की मांग की गई है. इस सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि मामला देश के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक से जुड़ा है.
सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी सुनवाई
मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष होगी. इस पीठ में न्यायमूर्ति जायमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन भी शामिल हैं. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए और उसकी निगरानी स्वयं सुप्रीम कोर्ट करे.
तीन प्रमुख आरोपियों में शामिल अनुकल्प मिश्रा से पूछताछ जारी
इधर, अयोध्या पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार तीन मुख्य आरोपियों में शामिल अनुकल्प मिश्रा से हिरासत में पूछताछ शुरू कर दी है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही.
एसआईटी की शुरुआती जांच में सामने आईं सुरक्षा संबंधी खामियां
विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक जांच में मंदिर के दान गिनती कक्ष की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. जांच में संकेत मिले हैं कि कुछ कर्मचारियों ने कथित तौर पर नकदी को अपने कपड़ों, जेबों, जूतों और अन्य निजी सामान में छिपाकर बाहर ले जाने की कोशिश की.
सीसीटीवी फुटेज में कई संदिग्ध गतिविधियां दर्ज
एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की जांच में कई संदिग्ध घटनाएं सामने आई हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दर्जनों मौकों पर गिनती कक्ष में कार्यरत कर्मचारियों की गतिविधियां संदेह के दायरे में दिखाई दीं, जिनमें नकदी को छिपाने जैसी हरकतें भी शामिल हैं.
प्रवेश और निकास व्यवस्था पर उठे सवाल
जांच में यह भी सामने आया कि दान गिनती कक्ष में आने-जाने वाले कर्मचारियों की पर्याप्त तलाशी नहीं ली जाती थी. इसके अलावा, कर्मचारियों के निजी सामान की जांच और निगरानी व्यवस्था भी कमजोर पाई गई. जांच एजेंसियों का मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था में इन कमियों का फायदा उठाकर कथित अनियमितताओं को अंजाम दिया गया हो सकता है.
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं निगाहें
अब इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है. अदालत के समक्ष यह तय होना है कि मामले की जांच किस तरह आगे बढ़ेगी और क्या स्वतंत्र एवं न्यायालय की निगरानी में जांच कराने की मांग को स्वीकार किया जाएगा. वहीं, पुलिस और एसआईटी अपनी जांच जारी रखे हुए हैं और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं.