Rajasthan Cabinet Decisions: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में कई अहम और दूरगामी फैसले लिए गए. इन फैसलों का असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक संरचनाओं और रोजगार के अवसरों पर पड़ेगा. बैठक के बाद मंत्रियों ने इन फैसलों के बारे में जानकारी दी, जिनमें बाल विवाह के खिलाफ कड़े कदम, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां और प्रशासनिक सुधार शामिल हैं. आइए, इन फैसलों को विस्तार से समझते हैं.
बाल विवाह पर कड़ा कानून
राजस्थान सरकार ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब बाल विवाह निरोधक अधिनियम, 2006 के तहत बालक और बालिका की आयु सीमा को सख्ती से परिभाषित किया गया है. सरकार ने इस बदलाव को राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 में संशोधन के रूप में मंजूरी दी है. इसके तहत 21 वर्ष से कम आयु के पुरुष और 18 वर्ष से कम आयु की महिलाएं बाल विवाह की श्रेणी में आएंगी. सरकार का मानना है कि इस कदम से राज्य में बाल विवाह पर कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा.
अचल संपत्ति बिक्री से जुड़ा नया विधेयक
कैबिनेट ने अचल संपत्ति के हस्तांतरण और बिक्री से संबंधित एक नया विधेयक भी पारित किया है. इस कानून के तहत राज्य सरकार को विशेष परिस्थितियों में कुछ क्षेत्रों को 'अशांत' या 'डिस्टर्ब्ड एरिया' घोषित करने का अधिकार मिलेगा. ऐसे क्षेत्रों में निवासियों और संपत्ति मालिकों के अधिकारों की सुरक्षा की जाएगी. यह कदम सामाजिक संतुलन को बनाए रखने और अवांछित गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने के लिए उठाया गया है.
एयरोस्पेस और डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग में राजस्थान का नया कदम
राजस्थान सरकार ने प्रदेश को एयरोस्पेस और डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए एक बड़ी पहल की है. राज्य सरकार ने एयरोस्पेस और डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए नई नीति को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में रक्षा उपकरणों, प्रिसीजन इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस सेवाओं का निर्माण करना है. इस नीति के तहत, राज्य सरकार उद्योगों को 7 वर्षों तक कर छूट, निवेश अनुदान और अन्य वित्तीय रियायतें देने का प्रस्ताव रख रही है. इस कदम से न केवल निवेश बढ़ेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.
बिजली शुल्क में 100 प्रतिशत छूट का ऐलान
राजस्थान सरकार ने एयरोस्पेस और डिफेन्स उद्योगों को दीर्घकालिक राहत देने के लिए बिजली शुल्क में 100 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही, मंडी शुल्क, स्टाम्प शुल्क और भू-रूपांतरण शुल्क में भी छूट दी जाएगी. यह कदम राज्य को हाई-टेक इंडस्ट्री का केंद्र बनाने और निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से उठाया गया है.
प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर नीति
राजस्थान सरकार ने राज्य की पहली सेमीकंडक्टर नीति को भी मंजूरी दी है. इस नीति का उद्देश्य भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने पर केंद्रित है. इससे सेमीकंडक्टर उद्योग में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और तकनीकी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. सेमीकंडक्टर नीति के तहत भी उद्योगों को 7 वर्षों तक बिजली शुल्क में 100 प्रतिशत छूट और अन्य रियायतें दी जाएंगी.
RPSC नियमों में बदलाव
कैबिनेट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के कार्यप्रणाली में सुधार के लिए भी कुछ बदलाव किए हैं. RPSC के विभिन्न पदों के नामकरण में बदलाव करते हुए उप सचिव को एकीकृत किया गया है और सहायक सचिव तथा निजी सचिव से उप सचिव पद पर पदोन्नति का अनुपात 10:1 तय किया गया है. इस बदलाव से आयोग की कार्यप्रणाली में और अधिक प्रभावशीलता आने की उम्मीद है.
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