वन स्टेट-वन इलेक्शन, कर्मचारियों के बीमा में बदलाव... राजस्थान कैबिनेट मीटिंग में कई अहम प्रस्ताव पास

Rajasthan Cabinet Decisions: राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में ऐसे कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई है, जिनका असर आने वाले वर्षों में प्रशासनिक व्यवस्था, ग्रामीण विकास, कृषि, उद्योग, कर्मचारियों और पर्यावरण संरक्षण पर एक साथ दिखाई देगा.

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Rajasthan Cabinet Decisions: राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में ऐसे कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई है, जिनका असर आने वाले वर्षों में प्रशासनिक व्यवस्था, ग्रामीण विकास, कृषि, उद्योग, कर्मचारियों और पर्यावरण संरक्षण पर एक साथ दिखाई देगा. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और विकास योजनाओं को नई गति देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई. बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य में सुशासन के साथ विकास को नई दिशा देना है.

'वन स्टेट, वन इलेक्शन'

कैबिनेट ने नगरीय निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव को मंजूरी देकर प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इस व्यवस्था के लागू होने के बाद स्थानीय निकायों और पंचायतों के चुनाव एक ही समय पर संपन्न होंगे. सरकार का मानना है कि इससे चुनावों पर होने वाला खर्च कम होगा, प्रशासनिक मशीनरी पर बार-बार पड़ने वाला दबाव घटेगा और लगातार लागू होने वाली आचार संहिता के कारण विकास परियोजनाओं में आने वाली रुकावट भी समाप्त होगी.

ग्रामीण रोजगार को मिला नया सहारा

राज्य सरकार ने ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से रोजगार की वैधानिक गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करने का निर्णय लिया है. इस योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास और अन्य सार्वजनिक निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी. साथ ही पूरी प्रक्रिया की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे और महिलाओं सहित समाज के कमजोर वर्गों की भागीदारी भी पहले से अधिक सुनिश्चित की जा सके.

सरकारी कर्मचारियों की बीमा सुरक्षा अब होगी अधिक मजबूत

कैबिनेट ने राजस्थान सरकारी कर्मचारी बीमा नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा. नए नियमों के तहत कर्मचारियों को उनकी वास्तविक सेवानिवृत्ति की तारीख तक बीमा सुरक्षा का लाभ मिलेगा. पहले वित्तीय वर्ष के आधार पर बीमा प्रक्रिया लागू होने से कई कर्मचारियों को रिटायरमेंट से पहले पूर्ण कवरेज का लाभ नहीं मिल पाता था, लेकिन अब इस व्यवस्था में सुधार कर कर्मचारियों को बेहतर वित्तीय सुरक्षा प्रदान की जाएगी.

नई वन नीति से पर्यावरण संरक्षण को मिलेगी नई दिशा

राज्य सरकार ने नई वन नीति को भी मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य हरित क्षेत्र का विस्तार, जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करना है. नई नीति के तहत स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा ताकि वन संरक्षण के साथ-साथ वन आधारित आजीविका के नए अवसर भी विकसित किए जा सकें. सरकार का मानना है कि यह नीति पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूत करेगी.

मानसून की स्थिति पर सरकार सतर्क

कैबिनेट बैठक में प्रदेश में जारी मानसून और बारिश से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की भी विस्तार से समीक्षा की गई. सरकार ने सभी मंत्रियों को उनके प्रभार वाले जिलों का दौरा करने, स्थानीय हालात का आकलन करने और विस्तृत फीडबैक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जहां भी जरूरत हो, वहां राहत और बचाव कार्यों को बिना किसी देरी के तेज किया जा सके और प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके.

कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन

राजस्थान एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग नीति-2026 को मंजूरी देकर सरकार ने कृषि आधारित उद्योगों को नई ऊर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. इस नीति के माध्यम से फल, सब्जियां, मसाले, अनाज, तिलहन, दलहन, औषधीय उत्पाद, शहद, डेयरी उत्पाद और पशु आहार उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग और आधुनिक सप्लाई चेन के विकास पर जोर देकर किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने की कोशिश की जाएगी.

फूड पार्क और श्रम सुधारों से निवेश को मिलेगा नया माहौल

कैबिनेट ने राजस्थान फूड पार्क विकास नीति-2026 और राजस्थान औद्योगिक संबंध नियम-2026 को भी स्वीकृति प्रदान की है. नई फूड पार्क नीति के तहत पीपीपी मॉडल, निजी निवेशकों, सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों की भागीदारी से आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण एवं भंडारण केंद्र विकसित किए जाएंगे. वहीं औद्योगिक संबंध नियम-2026 के जरिए श्रम कानूनों को अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जाएगा. श्रम विवादों की शिकायतें पूरी तरह ऑनलाइन दर्ज होंगी और उनका तय समयसीमा में निस्तारण किया जाएगा, जिससे उद्योगों और श्रमिकों दोनों को अधिक सुविधाजनक व्यवस्था मिल सकेगी.

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