Delhi-NCR में बारिश पर लगा ब्रेक, उमस से परेशान लोग; जानें कब तक मिल सकती है राहत

Delhi-NCR Monsoon: दिल्ली-एनसीआर में पिछले हफ्ते मानसून ने अच्छी बारिश के साथ दस्तक दी थी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली थी. लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाई. पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण अब एक बार फिर उमस और गर्मी बढ़ गई है.

Rain takes a break in Delhi-NCR people troubled by humidity find out when relief is expected
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Delhi-NCR Monsoon: दिल्ली-एनसीआर में पिछले हफ्ते मानसून ने अच्छी बारिश के साथ दस्तक दी थी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली थी. लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाई. पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण अब एक बार फिर उमस और गर्मी बढ़ गई है.

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में मानसून फिलहाल कमजोर पड़ गया है. बारिश वाले बादलों की जगह अब आसमान साफ नजर आ रहा है, जिसके कारण तापमान और गर्मी बढ़ रही है.

क्या है 'ब्रेक मानसून'?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्थिति को ब्रेक मानसून कहा जाता है. इसका मतलब है कि मानसून कुछ समय के लिए धीमा पड़ जाता है और बारिश की गतिविधियां कम हो जाती हैं.

दरअसल, मानसून ट्रफ (कम दबाव वाला क्षेत्र) अपनी जगह बदल लेता है. यही ट्रफ नमी और बादलों को लेकर आता है, जिससे बारिश होती है. जब यह हिमालय की तलहटी की ओर खिसक जाता है तो मैदानी इलाकों में बारिश कम हो जाती है.

उत्तर भारत में कम बारिश, पूर्वी राज्यों में तेज बारिश

विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून ट्रफ इस समय उत्तर प्रदेश के तराई वाले इलाकों की तरफ चला गया है. इसके कारण उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में बारिश कम हो रही है, जबकि पहाड़ी और पूर्वी इलाकों में बारिश जारी है. मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत में ब्रेक मानसून की स्थिति बनी हुई है. 

हवा में नमी कम होने के कारण बादल नहीं बन पा रहे हैं, जिससे बारिश रुक गई है. वहीं, बिहार, असम और बांग्लादेश के आसपास बने मौसम सिस्टम के कारण बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी इन इलाकों की ओर जा रही है. इसी वजह से पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश देखने को मिल रही है.

इस बार लंबा हो गया मानसून ब्रेक

आमतौर पर जुलाई और अगस्त में ब्रेक मानसून की स्थिति 4 से 6 दिन तक रहती है. लेकिन इस बार यह अवधि ज्यादा लंबी हो गई है. करीब 11 से 12 दिन बीत जाने के बाद भी दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में बारिश का इंतजार जारी है.

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस लंबे ब्रेक के पीछे अल-नीनो और बदलते मौसम पैटर्न का असर भी हो सकता है. जलवायु परिवर्तन के कारण मानसून के आने और आगे बढ़ने के तरीके में बदलाव देखने को मिल रहा है.

कब लौटेगी बारिश?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 19 जुलाई के बाद मानसून ट्रफ धीरे-धीरे दक्षिण की ओर खिसकना शुरू कर सकता है. इसके बाद दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ने की उम्मीद है. बारिश लौटने के बाद तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है.

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