Delhi Rain: दिल्ली-एनसीआर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है. लगातार दूसरे दिन हुई तेज बारिश ने राजधानी के साथ-साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कई इलाकों में सड़कें पानी से लबालब भर गईं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ. जगह-जगह लंबे जाम लगे और लोगों को ऑफिस, स्कूल और अन्य जरूरी कामों के लिए निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. फरीदाबाद में बारिश का असर बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी देखने को मिला, जबकि नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में जलभराव के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में जलभराव से बढ़ीं परेशानियां
बारिश के बाद नोएडा के सेक्टर-18, सेक्टर-62, खोड़ा कॉलोनी, बिसरख रोड और सर्फाबाद समेत कई इलाकों में पानी भर गया. वहीं ग्रेटर नोएडा के तिलपता, सूरजपुर, किसान चौक, कासना रोड, हल्द्वानी मोड़ और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई सोसायटियों के बाहर घुटनों तक पानी जमा हो गया. जलभराव की वजह से लोगों को घरों से निकलने में दिक्कत हुई और कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही लगभग ठप हो गई.
ट्रैफिक जाम ने लोगों का बढ़ाया सफर का समय
बारिश का सबसे ज्यादा असर सड़क यातायात पर पड़ा. डीएससी रोड, सूरजपुर-कासना मार्ग, किसान चौक, सेक्टर-18 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट सहित कई प्रमुख मार्गों पर घंटों तक वाहन रेंगते रहे. दफ्तर जाने वाले कर्मचारी समय पर नहीं पहुंच सके, वहीं स्कूल बसें और निजी वाहन भी लंबे जाम में फंसे रहे. कई लोगों को सामान्य दूरी तय करने में भी काफी अधिक समय लग गया.
टूटी सड़कें बनीं हादसों की वजह
लगातार बारिश के कारण कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं. पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई. कई स्थानों पर वाहन फिसलने और मामूली सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं भी सामने आईं. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर मानसून में यही स्थिति बनती है, लेकिन जल निकासी की स्थायी व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है.
IMD ने जारी किया पांच दिन का अलर्ट
गुरुग्राम में भी तेज बारिश के चलते कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं. हालांकि सुबह के समय ट्रैफिक अपेक्षाकृत सामान्य रहा, लेकिन जलभराव ने लोगों की आवाजाही प्रभावित की. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुग्राम सहित पूरे दिल्ली-एनसीआर के लिए अगले पांच दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है. मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है.
फरीदाबाद में बिजली और पानी की व्यवस्था प्रभावित
फरीदाबाद में बुधवार रात से जारी बारिश का असर बिजली आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा. एनआईटी क्षेत्र की कई कॉलोनियों में लंबे समय तक बिजली बाधित रही. बिजली विभाग के कंट्रोल रूम में फॉल्ट की शिकायतें लगातार आती रहीं. इसके अलावा संजय कॉलोनी, पर्वतीय कॉलोनी, जीवन नगर, जवाहर कॉलोनी और सेक्टर-52 सहित कई इलाकों में गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें भी सामने आईं. सेक्टर-15ए, अजरौंदा, बाटा चौक, सीकरी, डबुआ 60 फीट रोड, एयरफोर्स रोड और बड़खल गांव समेत कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी रही.
गाजियाबाद में सड़कें पानी में डूबीं
गाजियाबाद में भी लगातार बारिश के बाद मोदीनगर, लोनी, साहिबाबाद और साहिबाबाद स्टेशन रोड सहित कई इलाकों में पानी भर गया. मुख्य सड़कें जलमग्न होने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ी. कई स्थानों पर लोग घरों से बाहर निकलने से भी बचते नजर आए.
13 जुलाई तक बारिश जारी रहने की संभावना
मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली-एनसीआर में 13 जुलाई तक रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. कुछ इलाकों में भारी वर्षा होने की भी संभावना है. इससे तापमान में गिरावट और उमस से राहत तो मिलेगी, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक की समस्या बनी रह सकती है.
एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए जारी की एडवाइजरी
बारिश और खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ने लगा है. कई उड़ानों में देरी की आशंका को देखते हुए एयरलाइंस ने यात्रियों को समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने और यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जांचने की सलाह दी है.
बारिश ने फिर खोली नगर निकायों की तैयारियों की पोल
लगातार हो रही बारिश के बाद एक बार फिर शहरों की जल निकासी व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है. लोगों का कहना है कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद पहली ही तेज बारिश में सड़कें तालाब बन जाती हैं और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती जलभराव वाले इलाकों से जल्द पानी निकालकर सामान्य स्थिति बहाल करना है.
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