US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब और गंभीर होता दिखाई दे रहा है. लगातार दूसरे दिन अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने जवाबी कदम उठाते हुए कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाने का दावा किया है. इस घटनाक्रम के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है और कई देशों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है.
IRGC ने संयुक्त सैन्य अभियान का किया दावा
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर कहा कि उसकी नौसेना और एयरोस्पेस यूनिट ने संयुक्त अभियान के तहत कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया. ईरान के मुताबिक, कुवैत के अरिफजान और अली अल सलेम एयर बेस के साथ-साथ बहरीन के जुफैर और शेख ईसा एयर बेस इस कार्रवाई का लक्ष्य रहे. IRGC ने इसे अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई का पहला जवाब बताया है.
ईरान का आरोप- अमेरिका ने समझौते की शर्तें तोड़ीं
ईरानी पक्ष का कहना है कि अमेरिका ने दक्षिणी ईरान के तटीय इलाकों पर हमला कर दोनों देशों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन किया है. IRGC ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने आगे भी सैन्य कार्रवाई जारी रखी, तो पश्चिम एशिया में मौजूद अन्य अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है.
अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन किए हवाई हमले
इससे पहले अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरे दिन ईरान के कई अहम रणनीतिक ठिकानों पर हमले किए. रिपोर्टों के अनुसार बंदर अब्बास, चाबहार, जास्क और अबू मूसा द्वीप जैसे क्षेत्रों को निशाना बनाया गया. अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है. वॉशिंगटन का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है.
बहरीन, कुवैत और कतर में बढ़ाई गई सुरक्षा
तनाव बढ़ने के बाद बहरीन, कुवैत और कतर ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी. बहरीन और कतर में एयर रेड अलर्ट जारी किया गया और नागरिकों से घरों के भीतर रहने तथा खिड़कियों से दूर रहने की अपील की गई. बाद में कतर ने स्थिति सामान्य होने की जानकारी दी, जबकि कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने कई ड्रोन और मिसाइलों को रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया. हालांकि मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इनका अंतिम लक्ष्य कौन-सा स्थान था.
ईरान ने ट्रंप पर साधा निशाना
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर दोनों देशों के बीच हुए समझौते (MoU) को तोड़ने का आरोप लगाया है. मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि अमेरिका ने एकतरफा सैन्य कार्रवाई कर समझौते की भावना और शर्तों का उल्लंघन किया है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है.
पश्चिम एशिया में बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है. दोनों देशों के लगातार आक्रामक रुख के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को लेकर वैश्विक चिंता भी लगातार बढ़ती जा रही है.
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