Modi Cabinet Decision Today: देश में रेलवे को आधुनिक और सक्षम बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठक में भारतीय रेल मंत्रालय के चार प्रमुख रेल प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिल गई है. इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत करीब ₹24,634 करोड़ है, और इनके तहत महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में 894 किलोमीटर नई रेल लाइनें बिछाई जाएंगी.
यह फैसला भारतीय रेलवे को न केवल तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि देश के लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बड़ी मजबूती देगा. इससे न सिर्फ यात्री रेल सेवाएं सुधरेंगी, बल्कि मालवाहन की गति और विश्वसनीयता में भी इजाफा होगा.
Delhi Union Minister Ashwini Vaishnaw says, "4 major projects of railways have been approved today... We have 7 corridors that carry 41% of the railway traffic... These 7 corridors carry 41% cargo and 41% passengers. There are many upcoming projects which will strengthen these… pic.twitter.com/RqkPTsX0GQ
— ANI (@ANI) October 7, 2025
किन जिलों में होगा विकास और कैसे होगा फायदा
इस फैसले का सीधा असर उन 18 जिलों पर पड़ेगा, जो इन चार राज्यों में स्थित हैं. नए रेलवे ट्रैक बिछने से इन इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी. जिन जिलों को इस परियोजना से फायदा मिलेगा, उनमें कुछ ऐसे भी हैं जो अब तक रेल नेटवर्क से अपेक्षाकृत कटे हुए थे.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इन परियोजनाओं से हर साल करीब 28 करोड़ लीटर डीजल की बचत होगी और लगभग 139 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी. यह पर्यावरण की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि यह लगभग छह करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है.
कौन-कौन सी परियोजनाएं शामिल हैं
पीएम गति शक्ति योजना के तहत हो रहा है कार्य
इन सभी परियोजनाओं को प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के अंतर्गत क्रियान्वित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य देश में मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है. इस योजना के तहत विभिन्न परिवहन नेटवर्कों को एकीकृत किया जा रहा है, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत घटे, आयात पर निर्भरता कम हो और पर्यावरण पर प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके.
गति शक्ति योजना के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि रेलवे, सड़क, जलमार्ग और वायु यातायात एक-दूसरे के पूरक बनें और पूरे ट्रांसपोर्ट इकोसिस्टम को एकीकृत किया जा सके.
रोज़गार और व्यापार में होगा बड़ा लाभ
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह भी बताया कि इन नई रेल लाइनों के शुरू होने से हजारों नए रोज़गार और स्वरोज़गार के अवसर पैदा होंगे. कोयला, सीमेंट, स्टील और अनाज जैसी भारी वस्तुओं की ढुलाई अब पहले से कहीं ज़्यादा तेज और सस्ती हो पाएगी. इससे न केवल रेलवे की आय में वृद्धि होगी बल्कि उद्योगों को भी समय और लागत दोनों में बचत मिलेगी.
सरकार के अनुमान के मुताबिक, मालवाहन की क्षमता में सालाना 78 मिलियन टन की बढ़ोतरी होगी, जिससे भारतीय रेलवे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और मज़बूती से उतर पाएगा.
पहले ही मिल चुकी हैं कई बड़ी मंजूरियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में अब तक रेलवे क्षेत्र में ही करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है. अगर सभी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मिलाकर देखा जाए, तो यह आंकड़ा 12 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक हो चुका है.
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि इस साल दीपावली और छठ पर्व पर भारतीय रेलवे लगभग 12,000 विशेष ट्रेनें चलाने जा रही है. यह क्षमता निर्माण पिछले कुछ वर्षों की योजनाबद्ध और रणनीतिक निवेश का ही परिणाम है.
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