मेट्योर, ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस राफेल, सुखोई और तेजस जेट... IAF के इस वीडियो से डर जाएगा पाकिस्तान!

भारतीय वायुसेना ने गणतंत्र दिवस के मौके पर एक बेहद प्रभावशाली वीडियो जारी किया है, जिसमें मेट्योर और ब्रह्मोस जैसी अत्याधुनिक मिसाइलों से लैस लड़ाकू विमानों की तस्वीरें हैं.

Rafale Sukhoi and Tejas jets equipped with Meteor BrahMos missiles
Image Source: IAF

Indian Air Force: भारतीय वायुसेना ने गणतंत्र दिवस के मौके पर एक बेहद प्रभावशाली वीडियो जारी किया है, जिसमें मेट्योर और ब्रह्मोस जैसी अत्याधुनिक मिसाइलों से लैस लड़ाकू विमानों की तस्वीरें हैं. इस वीडियो ने पाकिस्तान और कुछ पश्चिमी मीडिया के झूठे दावों को बेनकाब कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि भारत के पास बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) मेट्योर मिसाइल नहीं हैं. यह वीडियो पाकिस्तान और पश्चिमी देशों की नकारात्मक टिप्पणी पर एक जोरदार जवाब है, जिसमें उन आरोपों को खारिज किया गया है कि भारत के पास ऐसे मिसाइल सिस्टम नहीं हैं, जिनका उपयोग 2019 के बालाकोट एयर स्ट्राइक और 2022 के ऑपरेशन सिंदूर में किया गया था.

भारतीय वायुसेना ने खोला सस्पेंस

भारतीय वायुसेना ने सोमवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यह वीडियो साझा किया, जिसमें राफेल, सुखोई और स्वदेशी तेजस जैसे विमान मेट्योर और ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस दिख रहे थे. इस वीडियो ने उन महीनों से चल रहे संदेह को खत्म किया है, जिसमें पाकिस्तान और पश्चिमी मीडिया ने भारत के पास मेट्योर मिसाइलों के न होने का दावा किया था. यह वीडियो पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के खोखले दावों के खिलाफ एक स्पष्ट और मजबूत संदेश है.

मेट्योर मिसाइल की ताकत

मेट्योर मिसाइल एक अत्याधुनिक बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल है, जिसे 21वीं सदी की हवाई लड़ाइयों के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी खासियत यह है कि यह एक साथ कई लक्ष्यों को निशाना बना सकती है, चाहे वे अत्यधिक पैंतरेबाजी करने वाले लड़ाकू विमान हों या फिर छोटे लक्ष्य जैसे ड्रोन और क्रूज मिसाइलें. मेट्योर मिसाइल 200 किमी तक की दूरी से अपने लक्ष्य को सटीकता से मार सकती है, जिससे यह किसी भी अन्य एयर-टू-एयर मिसाइल प्रणाली की तुलना में बहुत अधिक प्रभावी साबित होती है.

मेट्योर मिसाइल की रेंज और स्पीड इसे एक अत्यंत खतरनाक हथियार बनाती है. यह मिसाइल सॉलिड-फ्यूल रैमजेट मोटर से लैस होती है, जो उसे Mach 4 से अधिक की गति तक पहुंचने की क्षमता देती है. इसका सबसे बड़ा लाभ इसका 'नो एस्केप जोन' है, जो किसी भी एयर-टू-एयर मिसाइल से कई गुना बड़ा है, और इसके फ्रैगमेंटेशन वॉरहेड्स इसकी मारक क्षमता को और बढ़ाते हैं.

राफेल डील और मेट्योर मिसाइल

भारत ने 2016 में फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा किया था, जिसकी कुल कीमत 7.87 बिलियन यूरो थी. इन विमानों में अत्याधुनिक मिसाइलें और हथियार प्रणालियां शामिल हैं, जिनमें मेट्योर और स्कैल्प मिसाइलें भी शामिल हैं. हालांकि, शुरू में इस सौदे को लेकर कुछ संदेह था कि क्या भारत को राफेल जेट्स के साथ मेट्योर मिसाइलें मिलीं, लेकिन भारतीय वायुसेना द्वारा जारी इस वीडियो ने इस अटकल को पूरी तरह खारिज कर दिया. वीडियो में राफेल विमानों को मेट्योर मिसाइलों से लैस दिखाया गया है, जिससे इस सौदे के बारे में किसी भी तरह के संशय को समाप्त कर दिया गया है.

तेजस का प्रदर्शन

भारतीय वायुसेना के इस वीडियो में तेजस लड़ाकू विमान को भी मेट्योर मिसाइल से लैस दिखाया गया है. तेजस, जो भारतीय वायुसेना का स्वदेशी लड़ाकू विमान है, मेट्योर मिसाइल की सटीकता और मारक क्षमता को साबित करता है. इसके अलावा, वीडियो में मिराज 2000 विमान भी दिखाए गए हैं, जिनमें 2019 के बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक में इस्तेमाल की गई मिसाइलें थीं. इस वीडियो ने यह साबित कर दिया कि भारतीय वायुसेना के पास न केवल अत्याधुनिक विमानों और मिसाइलों का बेड़ा है, बल्कि वह इन तकनीकों का संचालन करने में पूरी तरह सक्षम भी है.

रैम्पेज मिसाइल की ताकत

भारतीय वायुसेना ने वीडियो में रैम्पेज एयर-टू-सरफेस मिसाइल को भी दिखाया, जो अपनी सटीकता और उच्च मारक क्षमता के लिए जानी जाती है. इस मिसाइल का इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सुखोई-30MKI विमानों ने किया था. रैम्पेज मिसाइल एयर-टू-सरफेस हमला करने में सक्षम होती है और उच्च सटीकता के साथ अपने लक्ष्य को निशाना बना सकती है, जो किसी भी दुश्मन को बड़े नुकसान पहुंचाने में सक्षम है.

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