पुतिन ने बना लिया "कयामत का हथियार", Poseidon की ताकत जान ट्रंप की भी टेंशन बढ़नी तय!

Russian Poseidon: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर सनसनी मचा दी है. इस बार का धमाका किसी आम मिसाइल या पारंपरिक हथियार का नहीं, बल्कि समंदर में विनाश फैला सकने वाले सुपर टॉरपीडो का है.

Putin weapon doomsday Trump tension sure increase after knowing the power Poseidon Super Torpedo
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

Russian Poseidon: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर सनसनी मचा दी है. इस बार का धमाका किसी आम मिसाइल या पारंपरिक हथियार का नहीं, बल्कि समंदर में विनाश फैला सकने वाले सुपर टॉरपीडो का है. पुतिन ने घोषणा की कि रूस ने Poseidon सुपर टॉरपीडो का सफल परीक्षण किया है, जो समुद्र में विस्फोट कर सुनामी जैसी लहरें उत्पन्न कर कई तटीय शहरों को पूरी तरह तबाह कर सकता है.

इस हथियार की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यह केवल 18 मीटर लंबा और 90 टन भारी है, लेकिन अपनी गति और परमाणु ऊर्जा के कारण इसे पकड़ पाना लगभग नामुमकिन है. रूस का दावा है कि पोसाइडन न्यूक्लियर-पावर्ड है, यानी इसमें लगे छोटे परमाणु रिएक्टर के चलते यह अनलिमिटेड दूरी तय कर सकता है और पानी के भीतर 1000 मीटर तक गहराई में चुपके से घूम सकता है.

क्यों इसे “कयामत का हथियार” कहा जा रहा है?

पोसाइडन में 2 मेगाटन तक का परमाणु विस्फोटक क्षमता है. अगर यह किसी तट पर धमाका करता है, तो 500 मीटर ऊँची सुनामी उठ सकती है, जो शहर को पूरी तरह तबाह कर सकती है और वहां लंबे समय तक रेडिएशन फैलाएगी. विशेषज्ञों का कहना है कि यह मिसाइल सुरक्षा प्रणालियों को भी चकमा दे सकती है क्योंकि यह पानी के नीचे से निशाने तक पहुँचती है.

इसकी 185 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार और अदृश्य मार्ग इसे नियंत्रण से बाहर भी बना सकती है. रूस का दावा है कि यह हथियार अमेरिका और नाटो के लिए सीधी चेतावनी है, खासकर उन देशों के लिए जो यूक्रेन को मदद दे रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय संदर्भ: रूस क्यों दिखा रहा ये ताकत

पुतिन लगातार अपनी परमाणु और सुपर हथियारों की क्षमताओं को हाईअलर्ट पर रख रहे हैं. 26 अक्टूबर को ही रूस ने बुरेवेस्टनिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया था, जो 14,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है. अब पोसाइडन के परीक्षण से पुतिन पश्चिमी देशों को संदेश दे रहे हैं कि रूस पीछे नहीं हटेगा और किसी भी चुनौती का जवाब विनाशकारी तरीके से देगा.

कौन-कौन से देश हो सकते निशाने पर?

रूसी टीवी और विशेषज्ञों के मुताबिक, पोसाइडन मुख्य रूप से तटीय शहरों को निशाना बना सकता है. सबसे बड़ा खतरा अमेरिका के न्यूयॉर्क, लॉस एंजेल्स जैसे शहरों के लिए है, जहां समुद्र के किनारे 70% आबादी रहती है. इसके अलावा ब्रिटेन, जापान और दक्षिण कोरिया भी संभावित निशाने पर हो सकते हैं, क्योंकि इन देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं.

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