कीव: वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में एक इंटरव्यू में दावा किया कि व्लादिमीर पुतिन की कार्रवाई ने दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति में धकेल दिया है. जेलेंस्की का कहना है कि यह संघर्ष केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं रहेगा और अगर इसे रोका नहीं गया तो रूस की आक्रामकता और क्षेत्रों तक फैल सकती है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यूक्रेन इस युद्ध को हारकर नहीं, बल्कि जीतकर ही समाप्त करेगा.
जेलेंस्की ने रूस की उन शर्तों का सख्त विरोध किया, जिनमें यूक्रेन से डोनेट्स्क के पूर्वी इलाकों को छोड़ने की मांग शामिल है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ जमीन का मुद्दा नहीं है, बल्कि लाखों लोगों की सुरक्षा और उनके जीवन से जुड़ा मामला है. जेलेंस्की ने कहा कि अगर यह इलाका छोड़ दिया गया, तो वहां रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा और आजादी खतरे में पड़ेगी. उनके अनुसार, पुतिन को यह समझना होगा कि यूक्रेन अपने लोगों और भूभाग के लिए पीछे नहीं हटेगा.
पुतिन को रोकना पूरी दुनिया की जिम्मेदारी
जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि पुतिन की योजना सिर्फ यूक्रेन पर कब्जा करने तक सीमित नहीं है. उनका कहना है कि अगर इसे समय रहते रोका नहीं गया, तो रूस अन्य क्षेत्रों में भी आक्रामक कदम उठा सकता है. जेलेंस्की ने कहा, “आज पुतिन को यूक्रेन पर कब्जा करने से रोकना पूरी दुनिया की जीत है. अगर यूक्रेन बचा रहेगा, तो इससे वैश्विक स्थिरता को भी सुरक्षा मिलेगी.”
अमेरिकी दबाव और अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य
यूक्रेन पर यह दबाव ऐसे समय में है जब डोनाल्ड ट्रंप ने देश से बातचीत की मेज पर आने की अपील की है. ट्रंप ने हाल ही में कहा कि युद्ध समाप्ति के लिए समझौते जरूरी हैं और पुतिन को कुछ रियायत देना शांति का रास्ता हो सकता है. वहीं व्हाइट हाउस और कई विश्लेषकों का मानना है कि रूस को बिना कोई रियायत दिए इस युद्ध का परिणाम यूक्रेन के नुकसान में होगा. जेलेंस्की ने हालांकि इन दबावों का खंडन करते हुए कहा कि यूक्रेन की प्राथमिकता देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता को बचाना है.
यूक्रेन की सीमाओं और चुनौतियों का स्वीकार
जेलेंस्की ने यह भी स्वीकार किया कि यूक्रेन के पास सीमित संसाधन हैं और रूस की सैन्य ताकत के सामने खड़ा होना आसान नहीं है. उन्होंने कहा कि सभी भूभागों को वापस हासिल करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण है और इसमें समय लगेगा. उन्होंने यह भी माना कि भारी कीमत चुकानी पड़ेगी, क्योंकि रूसी सेना का आकार और उपकरण काफी मजबूत हैं. जेलेंस्की के अनुसार, अगर रणनीति सही रही तो सभी क्षेत्रों को वापस हासिल किया जा सकता है, लेकिन इसमें कई साल लग सकते हैं.
संघर्ष जारी रखने का संकल्प
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने साफ किया कि उनका देश हार नहीं मानेगा. उन्होंने कहा कि यूक्रेन का संघर्ष केवल अपने भूभाग की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि स्वतंत्रता और वैश्विक न्याय की रक्षा के लिए भी है. जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि युद्ध का अंत तभी संभव है जब यूक्रेन पूरी तरह सुरक्षित और स्वतंत्र महसूस करे. उनका मानना है कि पुतिन की आक्रामक नीतियों को समय रहते रोका जाना जरूरी है, नहीं तो संघर्ष और बढ़ सकता है.
जेलेंस्की के अनुसार, यह युद्ध सिर्फ यूक्रेन और रूस तक सीमित नहीं रहेगा. अगर पुतिन को रोका नहीं गया, तो उसकी नीतियों का असर यूरोप और अन्य महाद्वीपों पर भी पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर रूस की आक्रामकता को सीमित करना होगा और युद्धविराम को संभव बनाने के लिए समर्थन देना होगा. जेलेंस्की का दावा है कि यूक्रेन की जीत से ही वैश्विक स्थिरता सुनिश्चित हो सकती है.
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