उम्र को मात देने की तैयारी में पुतिन! लंबी उम्र के मिशन में बेटी भी निभा रही अहम भूमिका, जानें पूरी जानकारी

Vladimir Putin News: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हमेशा खुद को मजबूत और फिट नेता के रूप में पेश करते रहे हैं. लेकिन अब खबरें हैं कि उनकी दिलचस्पी सिर्फ फिटनेस तक सीमित नहीं है. रूस ऐसी तकनीकों पर काम कर रहा है जो इंसानों की उम्र बढ़ाने और खराब हो चुके अंगों को बदलने में मदद कर सकती हैं.

Putin is preparing to defy age His daughter is also playing a key role in his mission to achieve longevity
Image Source: Social Media

Vladimir Putin News: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हमेशा खुद को मजबूत और फिट नेता के रूप में पेश करते रहे हैं. लेकिन अब खबरें हैं कि उनकी दिलचस्पी सिर्फ फिटनेस तक सीमित नहीं है. रूस ऐसी तकनीकों पर काम कर रहा है जो इंसानों की उम्र बढ़ाने और खराब हो चुके अंगों को बदलने में मदद कर सकती हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस ने 2024 में "न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज" नाम का एक बड़ा राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया है. इस योजना का उद्देश्य ऐसी आधुनिक मेडिकल तकनीकें विकसित करना है जो लोगों को लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जीने में मदद कर सकें.

पुतिन और शी जिनपिंग की चर्चा बनी चर्चा का विषय

पिछले साल चीन में एक सैन्य परेड के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति सी जिनपिंग के बीच इस विषय पर बातचीत हुई थी. बताया जाता है कि पुतिन ने कहा था कि भविष्य में मानव अंगों का बार-बार प्रत्यारोपण कर लोगों को ज्यादा समय तक जवान रखा जा सकता है. वहीं शी जिनपिंग ने संभावना जताई थी कि इस सदी के अंत तक इंसानों की औसत उम्र 150 साल तक पहुंच सकती है.

3D प्रिंटिंग से बनाए जा रहे अंग

रूस के इस प्रोजेक्ट में सबसे ज्यादा ध्यान बायोप्रिंटिंग तकनीक पर दिया जा रहा है. इसमें 3D प्रिंटर की मदद से जीवित ऊतकों और अंगों को तैयार करने की कोशिश की जाती है. वैज्ञानिकों का दावा है कि वे प्रयोगशाला में मानव शरीर के कुछ ऊतकों और छोटे जैविक अंगों जैसी संरचनाएं बनाने में सफलता हासिल कर चुके हैं. भविष्य में इसका इस्तेमाल अंग प्रत्यारोपण के लिए किया जा सकता है.

जानवरों में विकसित किए जा रहे मानव अंग

दूसरी तकनीक में जीन संशोधित मिनी-पिग्स यानी विशेष नस्ल के छोटे सूअरों का इस्तेमाल किया जा रहा है. वैज्ञानिकों का लक्ष्य इनके शरीर में ऐसे मानव अंग विकसित करना है जिन्हें जरूरत पड़ने पर मरीजों में प्रत्यारोपित किया जा सके.

2030 तक बड़े लक्ष्य पर काम

रूसी सरकार चाहती है कि 2030 तक इन तकनीकों को व्यावहारिक रूप दिया जाए. इसके अलावा वैज्ञानिक ऐसी जीन थेरेपी पर भी काम कर रहे हैं, जो शरीर की कोशिकाओं के बूढ़ा होने की प्रक्रिया को धीमा कर सके. अगर यह शोध सफल होता है तो लोगों को लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय रखने में मदद मिल सकती है.

पुतिन की बेटी भी प्रोजेक्ट से जुड़ी

इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की निगरानी करने वालों में पुतिन की बेटी मारिया वोरोन्त्सोवा भी शामिल हैं. वह मेडिकल रिसर्च और स्वास्थ्य से जुड़े कई सरकारी कार्यक्रमों की देखरेख कर रही हैं. इसके अलावा वैज्ञानिक मिखाइल कोवलचुक को भी इस दीर्घायु परियोजना का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता है.

वैज्ञानिकों ने उठाए सवाल

हालांकि इस पूरे प्रोजेक्ट को लेकर कुछ वैज्ञानिकों ने सवाल भी उठाए हैं. उनका कहना है कि जब तक इन दावों से जुड़ी रिसर्च और वैज्ञानिक नतीजे सार्वजनिक नहीं होते, तब तक इन योजनाओं को पूरी तरह सफल नहीं माना जा सकता.

ये भी पढ़ें- IPL 2026 Final: फाइनल से पहले होगी क्लोजिंग सेरेमनी, जानिए कब और कहां खेला जाएगा RCB vs GT का मैच