US-Brazil Tension: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बाद अब अमेरिका और ब्राजील के रिश्तों में नई खटास देखने को मिल रही है. ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि ब्राजील के आंतरिक मामलों और आगामी राष्ट्रपति चुनावों में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा.
लूला की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब ट्रंप ने ब्राजील में अपने राजनीतिक सहयोगियों और पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के परिवार के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं.
चुनावी मामलों को लेकर बढ़ी बयानबाजी
हाल के दिनों में ट्रंप ने ब्राजील की न्यायिक प्रक्रिया और विपक्षी नेताओं के खिलाफ हो रही कार्रवाई की आलोचना की थी. इसके जवाब में लूला ने कहा कि ब्राजील की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र है और चुनाव से जुड़े फैसले देश के संविधान और संस्थाओं के अनुसार लिए जाएंगे.
उन्होंने दो टूक कहा कि ब्राजील का चुनाव केवल ब्राजील का विषय है और किसी विदेशी नेता को इसमें दखल देने का अधिकार नहीं है.
बोल्सोनारो परिवार को लेकर विवाद
तनाव की एक बड़ी वजह पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो और उनके परिवार से जुड़े मामले भी हैं. बोल्सोनारो पर 2022 के चुनाव के बाद सत्ता में बने रहने के लिए कथित तौर पर तख्तापलट की कोशिश करने से जुड़े आरोप लगे थे.
इसी मामले में उनके बेटे और पूर्व सांसद एडुआर्डो बोल्सोनारो के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हुई. अदालत ने पाया कि उन्होंने अपने पिता से जुड़े मुकदमे को प्रभावित करने के लिए बाहरी दबाव बनाने का प्रयास किया था.
ट्रंप ने ब्राजील को बताया 'राजनीतिक रूप से खतरनाक'
राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ब्राजील का राजनीतिक माहौल चिंताजनक होता जा रहा है और सरकार राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. उन्होंने बोल्सोनारो परिवार के सदस्यों के खिलाफ हो रही न्यायिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए.
ट्रंप के इस बयान को ब्राजील सरकार ने अपने आंतरिक मामलों में अनावश्यक टिप्पणी के रूप में देखा है.
G7 सम्मेलन के दौरान दिया जवाब
फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बातचीत में लूला से जब ट्रंप की टिप्पणियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ब्राजील की राजनीतिक व्यवस्था और समाज को पूरी तरह नहीं समझते.
लूला ने कहा कि यदि ट्रंप की जानकारी केवल बोल्सोनारो परिवार तक सीमित है, तो वह ब्राजील की वास्तविक तस्वीर से परिचित नहीं हैं.
व्यापार और सुरक्षा मुद्दों पर भी मतभेद
दोनों देशों के बीच मतभेद केवल राजनीति तक सीमित नहीं हैं. ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में ब्राजील के कुछ उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा था. अमेरिका का दावा है कि ब्राजील की कुछ व्यापारिक नीतियां निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के अनुरूप नहीं हैं.
इसके अलावा अमेरिका ने ब्राजील के दो बड़े ड्रग तस्करी गिरोहों को विदेशी आतंकवादी संगठनों की श्रेणी में रखने का फैसला भी किया, जिस पर ब्राजील सरकार ने आपत्ति जताई.
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