ईरान के खिलाफ जंग की तैयारी! अमेरिका से ये खतरनाक फाइटर जेट खरीद रहा इजरायल; जानें पूरी जानकारी

Iran Israel War: इजरायल ने अपनी वायुसेना को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. देश अब अमेरिका से आधुनिक F-35I और F-15IA लड़ाकू विमान के दो और स्क्वाड्रन खरीदने जा रहा है. यह घोषणा इजरायल के रक्षा मंत्रालय की तरफ से की गई है और इसे एक अहम सुरक्षा कदम माना जा रहा है.

Preparation for war against Iran Israel is buying this dangerous fighter jet from America
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Iran Israel War: इजरायल ने अपनी वायुसेना को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. देश अब अमेरिका से आधुनिक F-35I और F-15IA लड़ाकू विमान के दो और स्क्वाड्रन खरीदने जा रहा है. यह घोषणा इजरायल के रक्षा मंत्रालय की तरफ से की गई है और इसे एक अहम सुरक्षा कदम माना जा रहा है.

रक्षा समिति की मंजूरी के बाद हुआ फैसला

रिपोर्ट के अनुसार, सीनियर मंत्रियों की रक्षा डील कमिटी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके बाद यह तय हो गया कि इजरायल अपनी एयरफोर्स के लिए नए और आधुनिक विमान खरीदेगा.

इस डील के तहत अमेरिका की दो बड़ी कंपनियों से विमान लिए जाएंगे. लॉकहीड मार्टिन से F-35I स्क्वाड्रन और बोइंग से F-15IA स्क्वाड्रन खरीदा जाएगा. इस सौदे की कीमत अरबों डॉलर में बताई जा रही है.

वायुसेना की ताकत और बढ़ेगी

इन नए विमानों के आने के बाद इजरायल की वायुसेना पहले से ज्यादा मजबूत हो जाएगी. आने वाले समय में F-35I विमानों की संख्या बढ़कर करीब 100 तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि F-15IA स्क्वाड्रन भी बढ़कर लगभग 50 हो जाएगा. फिलहाल इजरायल के पास करीब 48 F-35I विमान मौजूद हैं, जो पहले के ऑर्डर का हिस्सा हैं.

पहले से चल रहे ऑर्डर भी शामिल

इजरायल ने इससे पहले भी बड़े ऑर्डर दिए थे. साल 2023 में 25 और F-35 विमान खरीदने का फैसला लिया गया था, जिनकी डिलीवरी 2028 से शुरू होने की उम्मीद है. इसके अलावा 2024 में 25 F-15IA विमानों का ऑर्डर दिया गया था, जिनकी डिलीवरी 2031 के बाद शुरू होने की संभावना है.

रक्षा मंत्री का बयान

इजराइल काट्ज ने कहा कि हाल के समय में हुए संघर्षों ने यह साफ कर दिया है कि इजरायली वायुसेना देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है. उन्होंने कहा कि बदलते हालात को देखते हुए सेना को लगातार मजबूत करना जरूरी है.

भविष्य की सुरक्षा पर फोकस

रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक अमीर बाराम ने कहा कि यह फैसला सिर्फ मौजूदा जरूरतों के लिए नहीं है, बल्कि आने वाले 10 से 20 सालों की सुरक्षा रणनीति को ध्यान में रखकर लिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत वायुसेना ही देश की दीर्घकालिक सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है.

अमेरिका और इजरायल का मजबूत सहयोग

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमेरिका और इजरायल के बीच सैन्य साझेदारी काफी मजबूत है. हाल ही में अमेरिका से हजारों टन सैन्य सामान इजरायल पहुंचा है, जिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंध और मजबूत हुए हैं.

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