Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज में माघ मेला शुरू होते ही संगम स्नान के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब शहर की ओर बढ़ने लगा है. आज 3 जनवरी को मेले का पहला दिन है और देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं. इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए रेलवे ने समय रहते अपनी व्यवस्थाओं में अहम बदलाव किए हैं, ताकि स्टेशन पर अव्यवस्था न हो और यात्रियों को राहत मिल सके.
माघ मेले के दौरान हर साल प्रयागराज जंक्शन पर यात्रियों का भारी दबाव रहता है. इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इस बार भीड़ को बेहतर तरीके से मैनेज करने की रणनीति बनाई है. इसके तहत कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से दूसरे स्टेशनों पर रोका जाएगा, जिससे मुख्य स्टेशन पर भीड़ का दबाव कम हो सके और यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव मिले.
भीड़ प्रबंधन के लिए रेलवे का बड़ा फैसला
रेलवे प्रशासन ने माघ मेला 2026 के दौरान यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रयागराज के दो प्रमुख स्टेशनों पर विशेष इंतजाम किए हैं. अब कुछ ट्रेनों को प्रयागराज जंक्शन की बजाय रामबाग और झूसी स्टेशनों पर अस्थायी ठहराव दिया गया है. इससे श्रद्धालुओं को अपने गंतव्य तक पहुंचने में आसानी होगी और स्टेशन परिसरों में भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस व्यवस्था का मकसद सिर्फ यात्रियों को सुविधा देना ही नहीं, बल्कि मेला क्षेत्र में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही को भी सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना है. इससे संगम स्नान के लिए आने वाले लोगों को लंबी दूरी तय करने या अत्यधिक भीड़ से जूझने की परेशानी नहीं होगी.
रामबाग और झूसी स्टेशन बने श्रद्धालुओं के लिए अहम पड़ाव
माघ मेला अवधि के दौरान रामबाग और झूसी स्टेशन श्रद्धालुओं के लिए अहम ट्रांजिट पॉइंट बन गए हैं. इन स्टेशनों पर 6 जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव तय किया गया है. रेलवे का मानना है कि इससे यात्रियों को वैकल्पिक उतरने-चढ़ने की सुविधा मिलेगी और प्रयागराज जंक्शन पर भीड़ का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा.
रेलवे की यह पहल लाखों श्रद्धालुओं के लिए राहत लेकर आई है, क्योंकि अब उन्हें स्टेशन परिसर में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वे सीधे मेला क्षेत्र के नजदीकी स्टेशनों पर उतर सकेंगे.
इन ट्रेनों को मिला अस्थायी ठहराव
माघ मेला के दौरान जिन ट्रेनों को झूसी और प्रयागराज रामबाग स्टेशनों पर अस्थायी ठहराव दिया गया है, उनमें जयनगर से लोकमान्य तिलक जाने वाली पवन एक्सप्रेस और इसके रिवर्स रूट की ट्रेन शामिल है. इसके अलावा सीतामढ़ी और आनंद विहार के बीच चलने वाली लिच्छवी एक्सप्रेस को भी इन दोनों स्टेशनों पर रोका जाएगा.
नई दिल्ली और जयनगर के बीच चलने वाली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, दरभंगा और पुणे के बीच की एक्सप्रेस ट्रेन, रक्सौल और लोकमान्य तिलक के बीच चलने वाली अंत्योदय एक्सप्रेस तथा दरभंगा और अहमदाबाद के बीच की अंत्योदय एक्सप्रेस को भी रामबाग और झूसी स्टेशनों पर अस्थायी रूप से ठहराव दिया गया है.
श्रद्धालुओं के लिए आसान और सुरक्षित यात्रा का दावा
रेलवे प्रशासन का कहना है कि माघ मेला के दौरान यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती रहती है और आने वाले दिनों में यह और ज्यादा हो सकती है. ऐसे में यह अस्थायी व्यवस्था श्रद्धालुओं की यात्रा को न सिर्फ आसान बनाएगी, बल्कि स्टेशन पर भगदड़ जैसी स्थिति से बचाव में भी मदद करेगी.
रेलवे ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन के ठहराव और स्टेशन से जुड़ी जानकारी जरूर जांच लें, ताकि किसी तरह की असुविधा न हो. माघ मेला के दौरान की गई यह व्यवस्था श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा अनुभव देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है.
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