Senior Citizen Facility In Bihar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है. उन्होंने सीधे तौर पर आम जनता से सुझाव मांगे हैं कि बुजुर्गों के लिए कौन-कौन सी नई व्यवस्थाएं की जा सकती हैं, जिससे उनकी रोजमर्रा की परेशानियां कम हों.
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लोगों से अपील की कि वे अपने विचार साझा करें, ताकि उन्हें नीतियों में शामिल किया जा सके. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जनता से मिलने वाले सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और व्यवहारिक सुझावों को सरकारी योजनाओं में लागू किया जाएगा.
24 नवंबर 2005 को राज्य में जब से हमलोगों की सरकार बनी तब से न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए हमलोगों ने समाज के सभी वर्ग के लोगों के उत्थान एवं हर क्षेत्र के विकास के लिए काम किया है। हमलोगों ने पूरे बिहार को अपना परिवार माना है और सबके मान और सम्मान का पूरा ख्याल रखा… pic.twitter.com/1N5hOS4i1L
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) January 3, 2026
जनता कैसे भेज सकती है अपने सुझाव
मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से इस पहल को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की गई है. इसके अनुसार कोई भी नागरिक अपने सुझाव ई-मेल या डाक के जरिए भेज सकता है. इसके लिए [email protected] ई-मेल आईडी जारी की गई है.
जो लोग पत्र के माध्यम से सुझाव देना चाहते हैं, वे अपना पत्र अपर सचिव, 4 देशरत्न मार्ग, मुख्यमंत्री सचिवालय, पटना-800001 के पते पर भेज सकते हैं. इसके अलावा सरकार ने डिजिटल सुविधा को ध्यान में रखते हुए क्यूआर कोड के जरिए भी सुझाव भेजने का विकल्प दिया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस पहल से जुड़ सकें.
सरकार की सोच: घर बैठे स्वास्थ्य सुविधाएं
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह भी बताया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता यह है कि जरूरतमंद बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें. सरकार चाहती है कि वरिष्ठ नागरिकों को उनके घर पर ही जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.
इस योजना के तहत बुजुर्गों को घर बैठे नर्सिंग सहायता, पैथोलॉजी जांच, ब्लड प्रेशर और ईसीजी जांच जैसी सेवाएं देने की तैयारी है. इसके साथ ही फिजियोथेरेपी और अन्य आवश्यक मेडिकल सपोर्ट भी घर पर ही उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. किसी भी आपात स्थिति में त्वरित मेडिकल सहायता पहुंचाने की व्यवस्था भी इस पहल का हिस्सा होगी.
स्वास्थ्य विभाग को दिए गए स्पष्ट निर्देश
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन सभी योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए स्वास्थ्य विभाग को तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार का उद्देश्य है कि बुजुर्ग नागरिक सम्मान के साथ जीवन जी सकें और उन्हें इलाज या देखभाल के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े. नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि बुजुर्गों की देखभाल केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके आत्मसम्मान और सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है.
सात निश्चय-3 और ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 से 2030 के बीच बिहार को देश के सबसे विकसित राज्यों में शामिल करने के लक्ष्य के साथ सात निश्चय-3 कार्यक्रम लागू किया गया है. इस कार्यक्रम का सातवां निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ है, जिसका मुख्य फोकस राज्य के सभी नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, के जीवन को सरल बनाना है.
इस निश्चय के तहत सरकार का लक्ष्य है कि बुजुर्गों को रोजमर्रा के कामों, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से राहत मिले. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस दिशा में जनता की भागीदारी से नीतियों को और बेहतर बनाया जाएगा.
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