नई दिल्ली : गृह मंत्रालय (एमएचए) ने बुधवार को कहा कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (सीएए-2019) के तहत भारतीय नागरिकता के आवेदकों की मदद के लिए जल्द ही हेल्पलाइन नंबर लॉन्च किए जाएंगे. एमएचए के मुताबिक, आवेदक फ्री में कॉल करके सीएए-2019 से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकेंगे.
गृह मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया है, जिसमें लिखा है, "सीएए-2019 के तहत भारतीय नागरिकता के लिए आवेदकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जल्द ही लॉन्च किया जाएगा. आवेदक भारत में कहीं से भी फ्री में कॉल करके सीएए-2019 से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. यह सेवा सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक उपलब्ध रहेगी.''
गृह मंत्रालय ने सोमवार को सीएए नियम, 2024 को लागू किया है, जिससे ऐसे व्यक्तियों के पुनर्वास और नागरिकता में कानूनी बाधाएं दूर हो जाएंगी, जो शरणार्थी हैं और दशकों से पीड़ित हैं. उन्हें एक सम्मानजनक जीवन मिलेगा.
इससे पहले, गृह मंत्रालय ने एक वेब पोर्टल उपलब्ध कराया था, जिस पर धार्मिक उत्पीड़न के कारण पलायन कर रहे बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के पात्र गैर-मुस्लिम प्रवासी अब भारतीय नागरिकता प्राप्त कर सकते हैं.
मोबाइल ऐप के माध्यम से आवेदन की सुविधा के लिए एक मोबाइल ऐप 'सीएए-2019' भी जल्द ही लॉन्च किया जाएगा.
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लांच की गई है वेबसाइट, इन देशों के लोग कर सकते हैं आवेदन
अब, छह अल्पसंख्यक समुदायों - हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई - के धार्मिक आधार पर अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से प्रताड़ित व्यक्ति भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिए पोर्टल https:/ Indiancitizenshiponline.nic.in पर आवेदन कर सकते हैं.
गृह मंत्रालय द्वारा नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (सीएए-2019), जिसे अब नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 कहा जाता है, के तहत नियमों को अधिसूचित करने के तुरंत बाद पोर्टल सोमवार रात को उपलब्ध कराया गया था. यह नियम उन शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने वाला है, जो 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में शरण की मांग की थी.
यह एक विशिष्ट पोर्टल है जिस पर अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक आधार पर प्रताड़ित लोग भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं. सभी छह अल्पसंख्यक समुदाय - हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई - इन तीन देशों से प्रताड़ित, जिन्होंने 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में आश्रय मांगा था, वे वेब पोर्टल पर पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में आवेदन जमा कर सकते हैं. जिसका नाम "भारतीय नागरिकता ऑनलाइन पोर्टल" रखा गया है.
आवेदन एक नामित अधिकारी की अध्यक्षता वाली जिलास्तरीय समिति के माध्यम से एक अधिकार प्राप्त समिति को प्रस्तुत किया जाएगा. तस्वीरों के साथ सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए जाने हैं और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पृष्ठभूमि की जांच के बाद आवेदन पर कार्रवाई की जाएगी.
चूंकि सीएए छह समुदायों के गैर-दस्तावेज लोगों के लिए है, इसलिए नागरिकता प्राप्त करने के लिए सीएए आवेदकों द्वारा पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में सरकारी अधिकारियों द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों समेत कई दस्तावेज अपलोड किए जाने हैं.
नियमों के अनुसार, आवेदक को आवेदन पर हस्ताक्षर करने और निष्ठा की शपथ लेने के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा, ऐसा न करने पर जिला-स्तरीय समिति इनकार करने की सिफारिश कर सकती है.
आवेदकों को "स्थानीय रूप से प्रतिष्ठित सामुदायिक संस्थान" द्वारा जारी "पात्रता प्रमाण पत्र" प्रस्तुत करना होगा जो पुष्टि करता है कि वह "हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय से संबंधित है और उपर्युक्त का सदस्य बने रहेंगे.
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आवेदन की ऑनलाइन प्रक्रिया में पात्रता है शामिल
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के तहत कई श्रेणियां दी गई हैं, जिसके तहत एक आवेदक भारतीय नागरिकता प्राप्त कर सकता है. इनमें शामिल हैं: (i) भारतीय मूल का व्यक्ति (ii) भारत के नागरिक से विवाहित व्यक्ति (iii) भारतीय नागरिक का नाबालिग बच्चा (iv) ऐसा व्यक्ति जिसके माता-पिता भारतीय नागरिक हैं (v) कोई व्यक्ति या माता-पिता स्वतंत्र जो भारत के नागरिक रहे थे (vi) भारत के विदेशी नागरिक के रूप में पंजीकृत व्यक्ति कार्डधारक (vii) देशीयकरण द्वारा नागरिकता चाहने वाला व्यक्ति - 5 साल से भारत के विदेशी नागरिक के रूप में पंजीकृत वयस्क, और जो भारत में एक साल से रह रहा हो.
आवेदक इन दस्तावेजों को कर सकता है जमा
सीएए के तहत भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करते समय आवेदक निम्नलिखित में से कोई भी दस्तावेज जमा कर सकता है: (i) अफगानिस्तान, बांग्लादेश या पाकिस्तान सरकार द्वारा जारी पासपोर्ट की प्रतिलिपि (ii) इन देशों में सरकारी प्राधिकरण द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र (iii) शैक्षिक प्रमाण पत्र अफगानिस्तान, बांग्लादेश या पाकिस्तान में एक स्कूल/कॉलेज/बोर्ड या विश्वविद्यालय का (iv) इन देशों में सरकारी अधिकारियों द्वारा जारी किसी भी प्रकार का पहचान दस्तावेज (v) भारत में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी या विदेशी पंजीकरण अधिकारी द्वारा जारी आवासीय परमिट (vi) कोई भी इन तीन देशों में सरकारी अधिकारियों द्वारा जारी लाइसेंस (vii) इन देशों में भूमि या किरायेदारी रिकॉर्ड (viii) कोई भी दस्तावेज जो दर्शाता है कि आवेदक के माता-पिता या दादा-दादी या परदादा में से कोई एक इन देशों का नागरिक है या रहा है. वास्तव में, अफगानिस्तान या बांग्लादेश या पाकिस्तान में सरकारी प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया कोई भी दस्तावेज़ यह स्थापित करने के लिए कि आवेदक इनमें से किसी भी देश से है, और वह नागरिकता प्रक्रिया के लिए मान्य है. यह तब भी लागू होगा जब दस्तावेज़ अपनी वैधता अवधि पार कर चुका हो.
आवेदक को यह भी साबित करना होगा कि उसने भारत में एंट्री की है.
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