Political Popcorn: पीएम मोदी के 'फूफा' से लेकर मायावती के 'दामाद' तक, सियासत में छाया देसी तड़का!

Political Popcorn: इस हफ्ते सियासत में बयानबाजी से लेकर संगठनात्मक घमासान तक खूब तड़का देखने को मिला. पीएम मोदी के देसी तंज, रिजिजू के रेट्रो अंदाज, पायलट की नई चुनौती, राहुल की नाराजगी और मायावती के सख्त तेवर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी.

Political Popcorn From PM Modi fufa to Mayawati Damad Indian Politics
Political Popcorn

Political Popcorn: 1. शादी का बिफरा ‘फूफा’ और लाल किले का तीर, मुहावरों में सिमट गई पूरी तकरीर!

पीएम मोदी के देसी तंज ने ध्वस्त किए विपक्षी नैरेटिव !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपनी ठेठ देसी भाषा और चुटीले मुहावरों से विपक्ष के तमाम बौद्धिक विमर्श की हवा निकाल दी है. लाल किले की प्राचीर से जहां उन्होंने देश की प्रगति में रोड़ा अटकाने वाली सोच को 'दिमागी नक्सल' कहकर कटघरे में खड़ा किया, वहीं एसआरसीसी के मंच से हर सुधार में मीन-मेख निकालने वालों की तुलना शादी में मुंह फुलाए घूमने वाले 'नाराज फूफा' से कर दी. राजनीतिक प्रेक्षक इसे जनमानस की नब्ज पकड़कर सीधे संवाद साधने की अचूक कूटनीति मान रहे हैं, जो भारी-भरकम तर्कों पर भारी पड़ती है. अलबत्ता विपक्ष इसे मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कला बता रहा है,लेकिन सच्चाई यह है कि यह देसी वार सीधे जनता के जेहन में उतर जाता है. सचमुच बिना किसी का नाम लिए पूरे इकोसिस्टम को निरुत्तर कर देना मोदी की संवाद शैली की बड़ी खूबी है. अब यक्ष प्रश्न यही है कि विपक्ष इन तीखे देसी मुहावरों की काट के लिए कोई नया विमर्श गढ़ पाएगा या फिर हर बार की तरह सिर्फ प्रतिक्रिया देकर ही शांत हो जाएगा ?

2. खादी, माइक और लंबे भाषण हुए पुराने... अब तो 80s के नॉस्टैल्जिया पर नाचेगा यूथ!

विंटेज वाइब्स और फिटनेस से गढ़ी जा रही नई डिजिटल सियासत !

सोशल मीडिया के अल्गोरिदम पर इन दिनों केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू का 80 के दशक वाला रेट्रो अंदाज और विंटेज स्वैग खूब ट्रेंड कर रहा है. कभी स्विमिंग पूल में गोते, तो कभी हैरतअंगेज एडवेंचर और फिटनेस वीडियोज के जरिए युवाओं के फीड पर एक 'हाइपर-एक्टिव' नेता की ब्रांडिंग सलीके से परोसी जा रही है. राजनीतिक प्रेक्षक इसे महज निजी शौक नहीं, बल्कि राहुल गांधी के यूथ कनेक्ट के मुकाबले बीजेपी की एक सोची-समझी डिजिटल पीआर रणनीति करार दे रहे हैं. अलबत्ता चुनावी सभाओं के भारी-भरकम और उबाऊ भाषणों से दूर पॉप-कल्चर के जरिए युवा दिलों में जगह बनाने का यह नया पैंतरा है. सचमुच राजनीति अब मंचों से उतरकर 30 सेकंड की रील्स और लाइफस्टाइल कनेक्ट के अखाड़े में दाखिल हो चुकी है. लेकिन क्या रेट्रो गानों और सिक्स-पैक वाली यह फिटनेस सियासत वास्तव में युवाओं के वोट में तब्दील हो पाएगी ?

3. प्रभारी बदलते रहे, मर्ज बढ़ता गया...पायलट की लैंडिंग से क्या थमेगा बवंडर?

सचिन पायलट के सामने गुटबाजी का चक्रव्यूह !

पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह अब खुलकर ‘प्रभारी बनाम प्रदेश नेतृत्व’ के दंगल में तब्दील हो गई है. नए प्रभारी सचिन पायलट के हाथ कमान आते ही शिकायतों की लंबी फेहरिस्त उनके मेज पर धर दी गई है, जिसमें पूर्व प्रभारी भूपेश बघेल पर एकतरफा फैसले लेने और केवल एक गुट को हवा देने के संगीन आरोप मढ़े गए हैं. इससे पहले हरीश रावत के दौर में भी यही राग अलापा गया था. अलबत्ता बघेल खेमे का कहना है कि उन्होंने तो पहले ही आलाकमान को अपना इस्तीफा सौंपकर पल्ला झाड़ लिया था. राजनीतिक प्रेक्षक इसे पंजाब की पुरानी और असाध्य बीमारी मान रहे हैं, जहां दिल्ली से गया हर डॉक्टर खुद मरीज बनकर लौटता है. सचमुच नेताओं के बीच आपसी खींचतान इतनी गहरी है कि आलाकमान का डंडा भी बेअसर दिखता है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजस्थान के सियासी तूफानों से तपकर निकले सचिन पायलट क्या पंजाब की इस गुटबाजी की पतंग की डोर संभाल पाएंगे ?

4. 'आजादी-ए-राय' की दुहाई और अपने ही घर में पुलिस की कार्रवाई!

केरल में टीवी एंकर पर मुकदमे से खफा राहुल !

केरल में एक टीवी एंकर के खिलाफ दर्ज मुकदमे ने कांग्रेस के राष्ट्रीय विमर्श की दुखती रग पर हाथ रख दिया है. पत्रकार द्वारा शीर्ष नेतृत्व से सीधे गुहार लगाए जाने के बाद राहुल गांधी ने इस कानूनी कार्रवाई पर खासी नाराजगी जताई है. राजनीतिक प्रेक्षक मान रहे हैं कि जब दिल्ली में 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' का झंडा सबसे ऊंचा लहराया जा रहा हो तब अपने ही प्रभाव वाले राज्य में ऐसा कदम पार्टी लाइन को असहज कर देता है. अलबत्ता संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को पूरी स्थिति पर नजर रखने और केरल मुख्यमंत्री कार्यालय तक दो टूक संदेश पहुंचाने का जिम्मा सौंपा गया है. सचमुच यह स्थिति कांग्रेस के लिए दोहरी अग्निपरीक्षा जैसी है, जहां एक तरफ सहयोगी राजनीति की मजबूरियां हैं तो दूसरी तरफ अपनी घोषित विचारधारा. अब क्या यह नाराजगी सिर्फ एक बयान तक सिमटेगी या पत्रकार पर दर्ज केस वापस कराकर पार्टी अपने ‘फ्री स्पीच’ के रुख को बचा पाएगी यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा !

5. ससुर जी की गलती का दामाद पर भारी बोझ !

मायावती बोलीं- 'राजनीति छोड़ो तभी मिलेगी मौज!'

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने आज पार्टी के भीतर मचे घमासान और पारिवारिक-राजनीतिक समीकरणों पर खुलकर अपनी बात रखते हुए भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को आड़े हाथों लिया है. मायावती ने साफ शब्दों में कहा है कि आकाश आनंद अपने ससुर की गलतियों का खामियाजा भुगत रहे हैं. उन्होंने दो टूक नसीहत दी है कि यदि अशोक सिद्धार्थ वाकई आकाश की भलाई चाहते हैं, तो वे राजनीति से संन्यास ले लें तभी आकाश को पार्टी में कोई बड़ी और मुख्य जिम्मेदारी सौंपने पर विचार किया जा सकता है. राजनीतिक प्रेक्षक मान रहे हैं कि बसपा प्रमुख ने इस बयान के जरिए पार्टी के भीतर पारिवारिक दखलअंदाजी और गुटबाजी को कड़े संदेश के साथ कुचलने की कोशिश की है. अलबत्ता इस तरह सार्वजनिक तौर पर परिवार और पार्टी के रिश्तों की कलह सामने आने से विपक्षी दलों को तंज कसने का पूरा मौका मिल गया है. सचमुच उत्तराधिकार की रेस और सांगठनिक अनुशासन के बीच मायावती का यह रूप पुराना कड़क तेवर याद दिलाता है. अब देखना यही है कि क्या अशोक सिद्धार्थ इस राजनीतिक वनवास या संन्यास की शर्त को मानेंगे, या बीएसपी का यह नया सियासी ड्रामा किसी और बड़े भूचाल की तरफ बढ़ेगा ?