रूस-यूक्रेन युद्ध की आंच अब एक बार फिर पोलैंड की सीमाओं तक पहुंच गई है. शनिवार को ल्यूब्लिन एयरपोर्ट को संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों के चलते तत्काल बंद कर दिया गया, और पूरे क्षेत्र में सैन्य सतर्कता चरम पर पहुंच गई.
पोलैंड की सेना ने लड़ाकू विमान आसमान में तैनात कर दिए हैं, जबकि जमीन पर एयर डिफेंस यूनिट्स को हाई अलर्ट पर रखा गया है. अधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक तकनीकी स्थिति नहीं, बल्कि सीमा पार से आ रहे संभावित खतरों का संकेत है.
ड्रोन मूवमेंट को लेकर पहले से सतर्क था पोलैंड
हालिया महीनों में पोलैंड ने कई बार चेतावनी दी थी कि यूक्रेन युद्ध के प्रभाव उसके क्षेत्र में महसूस हो रहे हैं — खासकर ड्रोन मूवमेंट के रूप में सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले रूसी ड्रोन द्वारा पोलिश हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की भी आशंका जताई गई थी, जिससे पहले ही माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था. अब ताजा घटना ने पोलैंड की सुरक्षा एजेंसियों को और सतर्क कर दिया है. सेना ने स्पष्ट किया है कि यूक्रेन सीमा से सटे इलाकों में डिफेंस ऑपरेशन सक्रिय कर दिए गए हैं.
जेलेंस्की का तीखा वार: "पोलैंड के खिलाफ युद्ध भी पुतिन का ही है"
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस घटना के बाद एक सख्त बयान जारी किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अब पोलैंड के खिलाफ भी युद्ध छेड़ चुके हैं.उन्होंने यूरोप के देशों से अपील की कि अब बहानों का समय खत्म हो चुका है. रूस पर तुरंत और कठोर प्रतिबंध लगाए जाएं. जेलेंस्की ने कहा: “रूसी ड्रोन लंबी दूरी तय करने में सक्षम हैं. यह सिर्फ यूक्रेन की जंग नहीं है यह पूरे यूरोप की सुरक्षा पर हमला है.”
पोलिश सेना का बयान: 'नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि'
पोलैंड की आर्म्ड फोर्सेज ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई एक रक्षा रणनीति के तहत की गई है ताकि सीमा के पास संभावित UAV हमलों को रोका जा सके सेना ने बताया “सभी ज़रूरी रक्षा प्रणाली जैसे ग्राउंड-आधारित एयर डिफेंस, रडार स्कैनिंग और रियल टाइम निगरानी को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है.” ल्यूब्लिन एयरपोर्ट को एहतियातन बंद किया गया है और सेना का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
'निवारक कार्रवाई' से खतरे की रोकथाम
सेना और प्रशासन ने इस पूरे अभियान को “निवारक कार्रवाई” करार दिया है. पोलैंड चाहता है कि किसी भी अप्रत्याशित खतरे को उभरने से पहले ही कुचल दिया जाए. विशेष रूप से, यूक्रेन सीमा से लगते इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और सभी नागरिक संस्थानों को भी सतर्क रहने को कहा गया है.
नाटो की नजर में भी आया मामला
विशेषज्ञ मानते हैं कि यूक्रेन युद्ध की आग सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रही है. नाटो देश पहले भी चेतावनी दे चुके हैं कि रूस की गतिविधियां यूरोपीय सीमाओं की सुरक्षा को खतरे में डाल रही हैं. अब पोलैंड में बार-बार ड्रोन मूवमेंट सामने आना यह साबित करता है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष एक बहुपक्षीय सुरक्षा चुनौती बनता जा रहा है.
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