तेल अवीव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय इजरायल दौरे पर तेल अवीव पहुंचे हैं. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का आत्मीय स्वागत किया. एयरपोर्ट पर पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया. बता दें कि पीएम मोदी 9 साल बाद इजरायल की यात्रा पर गए हैं. इससे पहले वह 2017 में इजरायल गए थे. पीएम मोदी इजरायल की संसद 'नेसेट' को संबोधित कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा, पूरे भारत के लोगों की ओर से आपको शुभकामनाएं देता हूं. मेरे लिए ये गर्व का पल है कि मैं भारत का पहला पीएम हूं जो संसद को संबोधित कर रहा हूं. मैं यहां दोबारा आकर बहुत खुश हूं.
"हम आपका दर्द समझते हैं"
पीएम मोदी ने कहा, मैं 7 अक्टूबर के नरसंहार का दर्द महसूस करता हूं. उन्होंने कहा कि बेकसूर नागरिकों की हत्या बर्दाश्त नहीं. आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस होना चाहिए. इसके खिलाफ दुनिया का एक रुख होना चाहिए. इस पर दोहरे मापदंड नहीं चलेंगे. पीएम मोदी ने कहा, मैं भारत के लोगों की तरफ से हर उस जान के लिए संवेदनाएं भी रखता हूं, जो 7 अक्टूबर को हमास के उस भयानक आतंकवादी हमले में गई. हर उस परिवार के लिए भी संवेदान है, जिनकी दुनिया तबाह हो गई. हम आपका दर्द समझते हैं. हम आपके दुख में शामिल हैं. भारत पूरे भरोसे के साथ इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है.
शांति का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता
पीएम मोदी ने कहा, गाजा पीस इनिशिएटिव, जिसे UN सिक्योरिटी काउंसिल ने मंजूरी दी थी, एक रास्ता दिखाता है. भारत ने इसके लिए अपना सपोर्ट जताया है. इसमें इस इलाके के सभी लोगों के लिए एक सही और टिकाऊ शांति का वादा है, जिसमें फिलिस्तीन मुद्दे को सुलझाना भी शामिल है. हमारी सभी कोशिशें समझदारी, हिम्मत और इंसानियत से चलें. शांति का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता लेकिन भारत इस इलाके में बातचीत, शांति और स्थिरता के लिए आपके और दुनिया के साथ है.
इजरायल ने रेगिस्तान में करिश्मा किया
पीएम मोदी ने कहा, इजरायल ने रेगिस्तान में करिश्मा किया है. मैं इजरायल के युवा टैलेंट्स का भारत में स्वागत करता हूं. आज इजरायल में योग का प्रभाव बढ़ रहा है. इजरायल में घर-घर योग हो रहा है. भारत का इजरायल से रिश्ता खून और कुर्बानी से भी जुड़ा है. पहले विश्व युद्ध के दौरान 4,000 से ज़्यादा भारतीय सैनिकों ने इस इलाके में अपनी जान दी.