GST 2.0 को लेकर पीएम मोदी ने लिखा देश के नाम पत्र, जनता से की ये खास अपील, जानें क्या-क्या कहा?

भारत में कर प्रणाली के इतिहास में एक नया अध्याय तब जुड़ गया, जब सोमवार को जीएसटी 2.0 यानी नेक्स्ट जनरेशन गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स लागू हुआ.

PM Modi wrote a letter to the nation regarding GST 2.0
प्रतिकात्मक तस्वीर/ X

नई दिल्ली: भारत में कर प्रणाली के इतिहास में एक नया अध्याय तब जुड़ गया, जब सोमवार को जीएसटी 2.0 यानी नेक्स्ट जनरेशन गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स लागू हुआ. इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के नाम एक भावनात्मक और प्रेरणादायक पत्र जारी किया, जिसमें उन्होंने GST 2.0 के लाभ, आर्थिक सुधारों और स्वदेशी के महत्व पर विशेष रूप से बल दिया.

अपने पत्र की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने नवरात्रि पर्व के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने लिखा, "मेरे प्यारे देशवासियों, आपको और आपके परिवार को शक्ति की उपासना के पर्व नवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं. मेरी प्रार्थना है कि यह पावन पर्व आपके जीवन में सुख, समृद्धि और ऊर्जा लेकर आए."

GST 2.0: देशभर में 'बचत उत्सव' की शुरुआत

प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में 'GST बचत उत्सव' का उल्लेख करते हुए इसे देश के लिए एक त्योहारों जैसा उपहार बताया. उन्होंने कहा, "इस वर्ष के त्योहारों में एक और तोहफा जुड़ा है, वह है GST 2.0 की शुरुआत. 22 सितंबर से देशभर में GST बचत उत्सव शुरू हो गया है. इस नई प्रणाली से हर वर्ग को लाभ मिलेगा- किसान, महिलाएं, युवा, व्यापारी, लघु उद्योग, कुटीर उद्योग और खासकर मध्यम वर्ग."

GST 2.0: दो टैक्स स्लैब और जरूरी वस्तुओं पर छूट

प्रधानमंत्री ने बताया कि जीएसटी के नए स्वरूप में मुख्य रूप से केवल दो टैक्स स्लैब रखे गए हैं, जिससे पारदर्शिता और सादगी बढ़ेगी. इसके अंतर्गत:

  • दवाइयां, अनाज, साबुन, टूथपेस्ट जैसे रोजमर्रा के उत्पाद या तो टैक्स-फ्री होंगे या सिर्फ 5% टैक्स के तहत आएंगे.
  • हेल्थ इंश्योरेंस पर अब कोई GST नहीं लगेगा.
  • घर खरीदने, वाहन लेने, रेस्त्रां में खाना खाने या घूमने-फिरने जैसी चीजें अब पहले से सस्ती होंगी.

अब ‘आसान और असरदार’ टैक्स प्रणाली

पीएम मोदी ने 2017 में लागू हुई पहली जीएसटी प्रणाली को याद करते हुए कहा, "GST ने देश को विभिन्न प्रकार के जटिल टैक्स और टोल से मुक्ति दी थी. अब GST 2.0 उस यात्रा को और आगे बढ़ा रहा है. हमने टैक्स सिस्टम को सरल बनाया है, जिससे व्यापारियों, दुकानदारों और छोटे उद्यमियों को और सहूलियत मिलेगी."

उन्होंने सराहना की कि आज देश के बाजारों में कई दुकानदार 'पहले और अब' के बोर्ड लगाकर उपभोक्ताओं को बता रहे हैं कि चीजें कितनी सस्ती हुई हैं.

गरीबी हटाने और मध्यम वर्ग के लिए बड़ा कदम

अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने आर्थिक असमानता घटाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया:

  • पिछले 11 वर्षों में 25 करोड़ से अधिक भारतीय गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं.
  • मध्यम वर्ग को भी मजबूत किया गया है, अब 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई आयकर नहीं लिया जा रहा.
  • GST और इनकम टैक्स में छूट मिलाकर देशवासियों के करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये सालाना की बचत हो रही है.

स्वदेशी अपनाएं, आत्मनिर्भर भारत को आगे बढ़ाएं

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ को आगे बढ़ाने के लिए स्वदेशी उत्पादों के उपयोग की जोरदार अपील की. उन्होंने लिखा, "2047 तक विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हम आत्मनिर्भर बनेंगे. आत्मनिर्भरता का रास्ता स्वदेशी से होकर गुजरता है. चाहे ब्रांड कोई भी हो, अगर उसमें भारत के श्रमिक, कारीगर, किसान और उद्यमियों की मेहनत है तो वह स्वदेशी है."

उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि जब भी वे कोई सामान खरीदें, तो यह ज़रूर देखें कि वह भारत में बना है या नहीं.

दुकानदारों और व्यापारियों को भी किया प्रेरित

पीएम मोदी ने अपने पत्र में देश के व्यापारियों, दुकानदारों और उद्यमियों से आग्रह करते हुए कहा, "आप स्वदेशी सामान को अपनाएं और बेचें. इससे देश के अंदर ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, और भारतीय उद्योग और कारीगरों को नया जीवन मिलेगा."

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