Chhath Puja 2025: राजधानी दिल्ली में इस साल छठ महापर्व की तैयारियां पहले से कहीं अधिक भव्य और संगठित दिखाई दे रही हैं. यमुना किनारे बने घाटों पर दिल्ली सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं. हर साल की तरह इस बार भी लाखों लोग अस्ताचलगामी और उदयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे, लेकिन इस बार का नज़ारा पहले से कहीं ज़्यादा सुसज्जित और सुरक्षित होगा.
श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम
जहां पिछले वर्षों में भीड़ और अव्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता था, वहीं इस बार घाटों की संख्या और चौड़ाई दोनों बढ़ा दी गई हैं. दिल्ली सरकार ने यमुना के दोनों किनारों पर अलग-अलग घाट तैयार करवाए हैं, ताकि लोगों को पूजा करने में कोई कठिनाई न हो. घाटों पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, जलस्तर की निगरानी और सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ की टीमों को भी तैनात किया गया है. इस बार यमुना का पानी भी साफ दिखाई दे रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है.
पीएम मोदी दिल्ली में मनाएंगे छठ
छठ पर्व के इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने जा रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन. 28 अक्टूबर को पीएम मोदी दिल्ली के वासुदेव घाट पहुंचकर सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करेंगे. यह पहली बार होगा जब कोई प्रधानमंत्री राजधानी दिल्ली में छठ पूजा का हिस्सा बनेगा. प्रधानमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस, जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं. एमसीडी की टीमें घाट के आसपास की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटी हैं.
सीएम रेखा गुप्ता ने लिया वासुदेव घाट का जायजा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को वासुदेव घाट का दौरा कर करीब तीन घंटे तक सभी तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो. मुख्यमंत्री ने घाट पर उपस्थित श्रद्धालुओं से बातचीत की और कहा कि छठ आस्था और स्वच्छता का प्रतीक है. सरकार चाहती है कि हर भक्त सुरक्षित और श्रद्धापूर्वक पूजा कर सके.
"छठ सिर्फ पर्व नहीं, आस्था और प्रकृति का संगम है"
लोक निर्माण, जल एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी रविवार को दिल्ली के कई घाटों का निरीक्षण किया, जिनमें मटीयाला, नजफगढ़, विकासपुरी, नांगलोई, नरेला और पल्ला घाट शामिल हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि छठ पर्व स्वच्छ, सुरक्षित और शांति पूर्ण तरीके से मनाया जाए. मंत्री ने कहा, “छठ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह अनुशासन, आस्था और प्रकृति के सम्मान का प्रतीक है.”
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