प्रधानमंत्री मोदी ने अचानक ईरान के राष्ट्रपति को क्यों घुमाया फोन? जानें दोनों के बीच क्या हुई बात

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और बढ़ते तनाव के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत की.

PM Modi Talks With Iran President Masoud Pezeshkian middile east crisis
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नई दिल्ली/तेहरान: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और बढ़ते तनाव के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत की. यह संवाद क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करने के लिए किया गया. पीएम मोदी ने इस बातचीत में शांति और कूटनीतिक प्रयासों पर जोर दिया और ईरान के राष्ट्रपति से अपील की कि संघर्ष के बीच स्थिति को शांतिपूर्वक हल किया जाए.

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया, मैंने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से क्षेत्रीय गंभीर स्थिति पर चर्चा करने के लिए बातचीत की. मैंने तनाव बढ़ने, नागरिकों की जान जाने और नागरिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की. पीएम मोदी ने बताया, 'भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा के निर्बाध परिवहन की आवश्यकता भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है. मैंने शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और संवाद, कूटनीति का आग्रह किया.'

वैश्विक तेल बाजार पर युद्ध का असर

मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का असर अब साफ तौर पर वैश्विक तेल बाजार पर दिखने लगा है. इस संघर्ष का एक बड़ा असर भारत में एलपीजी गैस की उपलब्धता पर भी पड़ सकता है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से 20 फीसदी आवाजाही प्रभावित हो रही है, लेकिन भारत में अभी गैस की कोई कमी नहीं है. उन्होंने लोगों से पैनिक न करने की अपील की और कहा कि गैस सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह से सामान्य है.

पीएम मोदी का पैनिक क्रिएट करने की कोशिशों पर कड़ा बयान

भारत में एलपीजी गैस को लेकर कई राज्यों में लोगों को लंबी कतारों में देखा गया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि कुछ लोग एलपीजी की कमी को लेकर पैनिक क्रिएट करने की कोशिश कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा, "मैं जानता हूं कि 140 करोड़ भारतीय इस संकट से भी उबर जाएंगे, जैसे हम कोविड के समय उबर चुके हैं." उन्होंने राजनीतिक मुद्दों से ऊपर उठते हुए कहा कि इस संकट को सुलझाने में सभी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, चाहे वह मीडिया हो, राजनीतिक दल हों या फिर युवा.

होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय शिप्स की सुरक्षा पर ध्यान

भारत ने ईरान के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय ध्वज वाले जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने पर काम करना शुरू कर दिया है. हाल के दिनों में ईरान ने भारतीय ध्वज वाले किसी भी कमर्शियल टैंकर को होर्मुज रूट से गुजरने की अनुमति नहीं दी है, जिससे चिंता बढ़ी है. शिपिंग मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में होर्मुज के पश्चिम में भारतीय ध्वज वाले 24 जहाज मौजूद हैं, जबकि पूर्व में चार जहाज तैनात हैं.

ईरान से भारत के शिपिंग और ऊर्जा सुरक्षा मुद्दों पर वार्ता

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हाल ही में तीन बार बातचीत हुई है, जिसमें शिपिंग सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा की गई. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि यह वार्ता अभी भी जारी है और सुरक्षा मामलों पर पूरी स्थिति का आकलन किया जा रहा है.

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