प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड के शुभारंभ के अवसर पर देश की महिलाओं को एक भावुक और तीखा संदेश दिया. इस वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण को भारत के विकास की रीढ़ बताया और साथ ही कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए हालिया बयानबाजी को देश की सभी महिलाओं का अपमान करार दिया.
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भावुक होते हुए कहा कि हाल ही में दरभंगा, बिहार में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान उनकी मां को लेकर जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह निंदनीय ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति पर हमला है. उन्होंने कहा,यह गाली सिर्फ मेरी मां के लिए नहीं थी. यह अपमान हर उस मां, बहन और बेटी का है जो इस देश की अस्मिता है. मोदी ने यह भी कहा कि बिहार जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य में इस प्रकार की भाषा सुनना, कल्पना से परे है.
महिलाओं के अधिकारों को लेकर संकल्पबद्ध है सरकार
कार्यक्रम के मूल उद्देश्य की ओर लौटते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जीविका निधि साख सहकारी संघ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि जब महिलाओं के जीवन से संघर्ष कम होता है, तभी उनका सामर्थ्य उजागर होता है और देश विकास की नई ऊंचाइयों को छूता है. भारत का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब उसकी महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी.
राजनीतिक मंच या निजी हमला?
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस और आरजेडी के गठबंधन पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि क्या राजनीति का स्तर इतना गिर चुका है कि अब नेताओं की मांओं को सार्वजनिक मंचों से गालियां दी जाएंगी? उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं, सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन है. मैंने इस दर्द को खुद महसूस किया है, और मैं जानता हूं कि बिहार की हर मां ने इसे अपना अपमान समझा है.
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