PM Modi Uzbekistan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंच गए हैं. एयरपोर्ट पर उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. पीएम मोदी की इस यात्रा को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने की दिशा में अहम माना जा रहा है. यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे, जिसमें दोनों देशों के रिश्तों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी.
कई मुद्दों पर होगी बातचीत
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव व्यापार एवं निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे. दोनों नेता अब तक हुई प्रगति पर चर्चा करने के साथ भविष्य की प्राथमिकताओं पर भी विचार करेंगे. बैठक का मकसद भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी को और व्यापक बनाना तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए साझा एजेंडा तैयार करना है.
पीएम मोदी ने की छात्रों की तारीफ
उज्बेकिस्तान रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने वहां के कुछ युवा छात्रों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया. इस वीडियो में छात्र हिंदी में पीएम मोदी का स्वागत करते नजर आए. प्रधानमंत्री ने छात्रों के उत्साह और हिंदी बोलने के अंदाज की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह स्वागत देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई. उन्होंने खास तौर पर इस बात का उल्लेख किया कि छात्रों ने हिंदी में संदेश देकर उसे शानदार तरीके से पेश किया.
हिंदी में स्वागत, बोले- ताशकंद आपका इंतजार कर रहा है
वीडियो में ताशकंद के कई छात्रों ने बारी-बारी से प्रधानमंत्री का स्वागत किया. छात्रों ने भारत की संस्कृति में अपनी रुचि और दोनों देशों के पुराने संबंधों का भी जिक्र किया. एक छात्र ने हिंदी में पीएम मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि ताशकंद के विद्यार्थी उनके आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. छात्रों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात को लेकर उत्साह जताते हुए कहा कि ताशकंद उनके स्वागत के लिए तैयार है.
पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज के मुताबिक, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा है. इससे पहले पीएम मोदी 2015 में उज्बेकिस्तान गए थे. इसके बाद उन्होंने 2016 और 2022 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में हिस्सा लेने के लिए उज्बेकिस्तान का दौरा किया था. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मौजूदा यात्रा दोनों देशों के लंबे सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूती देने का अवसर भी है.
भारत-उज्बेकिस्तान रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिश
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच पिछले कई वर्षों से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तर पर मजबूत संबंध रहे हैं. उज्बेक राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव 2018 में भारत की राजकीय यात्रा पर आए थे और 2019 में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में भी शामिल हुए थे. पीएम मोदी और मिर्जियोयेव की मुलाकात 2023 में दुबई में COP28, 2024 में कजान में BRICS समिट और 2025 में चीन के तियानजिन में SCO समिट के दौरान हुई थी. ऐसे में ताशकंद वार्ता से दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है.
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