गुजरात दौरे पर पीएम मोदी, बिरसा मुंडा जयंती समारोह में लिया भाग, बोले - आदिवासी समाज का नाम...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात का दौरा किया, जहां उन्होंने राज्य में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए कई अहम पहलों की शुरुआत की साथ ही धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के मौके पर एक जनसभा को संबोधित किया.

PM Modi on Gujarat visit on Birsa Munda birth anniversary celebrations
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PM Modi Gujarat Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात का दौरा किया, जहां उन्होंने राज्य में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए कई अहम पहलों की शुरुआत की साथ ही धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के मौके पर एक जनसभा को संबोधित किया. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, "डेडियापाड़ा और सागबारा का एक क्षेत्र कबीर की शिक्षाओं से प्रेरित है. मैं संत कबीर की भूमि वाराणसी से सांसद हूं. इसलिए, यह स्वाभाविक है कि संत कबीर का मेरे जीवन में एक विशेष स्थान है. मैं उन्हें इस मंच से नमन करता हूं. हमने यहां एक लाख परिवारों को पक्के घर दिए गए. एकलव्य मॉडल स्कूलों का शिलान्यास किया गया. ऐसा कई सारी कल्याण योजनाओं के लिए जनजातीय परिवारों को बहुत बधाई." पीएम मोदी ने कहा कि, "आदिवासियों ने हमारे देश के स्वतंत्रता संग्राम में बहुत बड़ा योगदान दिया, लेकिन कांग्रेस ने 60 साल के शासन में आदिवासियों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया."

पीएम मोदी ने कहा, "मैं देश का पहला पीएम हूं, जो भगवान बिरसा मुंडा के घर गया था. उनके परिवार के लोगों के साथ मेरा मिलना जारी है." उन्होंने आगे कहा कि, "देश में 6 दशक तक राज करने वाली कांग्रेस ने आदिवासियों को उनके हाल पर छोड़ा था. यहां कुपोषण, स्वास्थ, सुरक्षा, शिक्षा का अभाव रहा."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, "पहले बिरसा मुंडा को याद नहीं किया जाता था. हमने तय कि हमारी अगली पीढ़ी को पता चले कि बिरसा मुंडा ने हमारे लिए क्या किया है. इसलिए हमने देश में कई जनजातीय संग्रहालय बनाए जा रहे हैं. मैं छत्तीसगढ़ गया था वहां मैंने शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय का शिलान्यास किया." पीएम मोदी ने कहा, "काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन महाकाल, अयोध्या का राम मंदिर और केदारनाथ धाम की चर्चा अक्सर होती रहती है. पिछले 10 वर्षों में ऐसे कई धार्मिक और ऐतिहासिक धामों का विकास हुआ है. लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे कि 2003 में जब मैं मुख्यमंत्री के तौर पर डेडियापाड़ा आया था, तो मां के चरणों में प्रार्थना करने गया था. उस समय मैंने देखा कि उसकी हालत एक छोटी सी झोपड़ी जैसी थी. मेरे जीवन में जितने भी पुनर्निर्माण कार्य हुए हैं, मैं गर्व से कह सकता हूं कि उन सबकी शुरुआत देवमोगरा माता के मंदिर के विकास से हुई."

पीएम मोदी ने आगे कहा कि, "आदिवासी कल्याण भाजपा की प्राथमिकता है. हमने ये परेशानी खत्म करने का फैसला लिया है. 1947 में देश आजाद हुआ, लेकिन उनकी स्थिति में सुधार नहीं किया गया. आदिवासी समाज का नाम भगवान राम से भी जुड़ा है. लेकिन कांग्रेस ने इनके विकास के लिए कुछ नहीं किया. पहली बार जब अटल जी प्रधानमंत्री बने, तब आदिवासियों के लिए अलग मंत्रालय बनाया गया. कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में इस मंत्रालय को भी भुला दिया था."

उन्होंने कहा कि, "एनडीए ने हमेशा आदिवासी समाज के लोगों ने शीर्ष पदों पर बिठाया है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री राज्य का कायाकल्प कर रहे हैं. हमारे जनजातीय समाज के ओड़िशा के मुख्यमंत्री राज्य का विकास कर रहे हैं. हमने कई राज्यों में आदिवासी मुख्यमंत्री दिए. भाजपा ने कई राज्यों में आदिवासियों को जगह दी. मंगूभाई पटेल एमपी के राज्यपाल हैं. सोनोवाल जहाजरानी मंत्रालय संभाल रहे हैं."

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