अयोध्या: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 25 नवंबर को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे. इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को लेकर अयोध्या को एक किलेदार सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है. शहर में तैनात किए गए सुरक्षा कर्मियों, अत्याधुनिक तकनीकी सिस्टम और चौकस निगरानी से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी अप्रिय घटना न घटे. इस बड़े आयोजन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई भी कोताही नहीं बरती गई है, और 6970 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है.
पीएम मोदी का कार्यक्रम: राम दरबार से लेकर ध्वजारोहण तक
प्रधानमंत्री मोदी का अयोध्या दौरा एक बेहद सटीक और व्यवस्थित कार्यक्रम के तहत होगा. सुबह करीब 10 बजे, पीएम मोदी सबसे पहले सप्तमंदिर जाएंगे और महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी के मंदिर में दर्शन करेंगे. 11 बजे, वे माता अन्नपूर्णा मंदिर जाएंगे और फिर राम दरबार गर्भगृह में दर्शन-पूजन करेंगे. 12 बजे, वे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा झंडा फहराएंगे. यह ध्वजारोहण विवाह पंचमी के अभिजीत मुहूर्त में होगा, और इसके साथ ही शाही झंडा अयोध्या के शिखर पर फहराया जाएगा. यह झंडा 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा होगा, जिस पर भगवान श्रीराम की वीरता और आदर्श को दर्शाने वाली तस्वीरें उकेरी जाएंगी.
अयोध्या में सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम
अयोध्या को इस कार्यक्रम के लिए एक किले की तरह सुरक्षित किया गया है. सुरक्षा के व्यापक उपायों में एंटी-ड्रोन सिस्टम, स्नाइपर ड्यूटी, बम डिटेक्शन टीम, डॉग स्क्वॉड, ट्रैफिक मैनेजमेंट यूनिट, और वीवीआईपी सुरक्षा दल शामिल हैं. इसके अलावा, साइबर सुरक्षा टीम और तकनीकी विशेषज्ञ भी तैनात किए गए हैं. सुरक्षा के तहत करीब 90 तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम काम करेगी, ताकि किसी भी डिजिटल खतरे को समय रहते नष्ट किया जा सके.
सुरक्षा बलों का विस्तृत आंकड़ा
अयोध्या में सुरक्षा को लेकर तैनात किए गए बलों की संख्या चौंका देने वाली है. 6970 जवान सुरक्षा ड्यूटी में तैनात रहेंगे, जिनमें 30 एएसपी, 90 डीएसपी, 242 इंस्पेक्टर, 1060 उप निरीक्षक और 3090 हेड कांस्टेबल शामिल हैं. ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण के लिए 16 ट्रैफिक इंस्पेक्टर और 130 ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर भी तैनात किए गए हैं. सुरक्षा के साथ-साथ, वहां 4 फायर ब्रिगेड और 12 पायलट वाहन यूनिट्स भी तैनात की गई हैं.
सुरक्षा में नई तकनीक का इस्तेमाल
सुरक्षा की चौकसी को और मजबूत करने के लिए अयोध्या में ड्रोन निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक विजिलेंस का भी इस्तेमाल किया जाएगा. एंटी-ड्रोन सिस्टम और साइबर कमांडो टीमों के अलावा, सुरक्षा में लगी 90 तकनीकी सदस्य भी दिन-रात ड्यूटी पर रहेंगे.
भारी संख्या में तैनात विशेष सुरक्षा यूनिट्स
अयोध्या के कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए विशेष सुरक्षा यूनिट्स को तैनात किया गया है, जिनमें एटीएस कमांडो, एनएसजी स्नाइपर, बीडीएस टीम, और माइंस टीम शामिल हैं. इसके साथ ही, हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्शन डिवाइस, वाहन माउंटेड स्कैनर और बैगेज एक्स-रे स्कैनर का भी इस्तेमाल किया जाएगा.
सुरक्षा के साथ-साथ बुनियादी सेवाएं
इस आयोजन के मद्देनजर, अयोध्या में पार्किंग प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं. 38 कर्मी पार्किंग व्यवस्था में तैनात किए गए हैं, और बैरियर मॉड्यूल का इस्तेमाल किया जाएगा. स्नाइपर और हाई ग्राउंड सर्विलांस टीम्स को वीआईपी रूट और मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए खासतौर पर तैनात किया जाएगा.
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