Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 130वें एपिसोड में देशवासियों से संवाद करते हुए संस्कृति, युवाओं, तकनीक और पर्यावरण जैसे कई अहम मुद्दों पर अपने विचार साझा किए. इस बार के संबोधन में खास तौर पर युवा पीढ़ी की सोच और रचनात्मकता केंद्र में रही. पीएम मोदी ने भजन क्लबिंग जैसे नए सांस्कृतिक ट्रेंड का जिक्र किया और साथ ही स्टार्ट-अप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लोकतंत्र और पर्यावरण संरक्षण पर भी विस्तार से बात की.
आइए जानते हैं मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी के 5 बड़े संदेश—
1. भजन क्लबिंग: परंपरा और आधुनिकता का संगम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में भजन और कीर्तन सदियों से हमारी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रहे हैं. पहले ये मंदिरों, सत्संगों और धार्मिक आयोजनों तक सीमित थे, लेकिन समय के साथ भक्ति के स्वरूप में भी बदलाव आया है.
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी ने भक्ति को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना लिया है. देश के कई शहरों में ऐसे आयोजन हो रहे हैं, जहां मंच, रोशनी और संगीत किसी बड़े कॉन्सर्ट जैसे होते हैं, लेकिन वहां गूंजते हैं भजन. इसी नए चलन को ‘भजन क्लबिंग’ कहा जा रहा है.
पीएम मोदी ने खुशी जताई कि इस तरह के आयोजनों में भक्ति की गरिमा और पवित्रता बनी रहती है और Gen-Z के बीच यह ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.
2. स्टार्ट-अप्स में युवाओं की मजबूत मौजूदगी
प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं की उद्यमशीलता और नवाचार की भावना की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि आज भारत के युवा AI, अंतरिक्ष विज्ञान, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, मोबिलिटी और बायोटेक्नोलॉजी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में स्टार्ट-अप्स शुरू कर रहे हैं.
पीएम मोदी ने उन सभी युवाओं को सलाम किया जो या तो किसी स्टार्ट-अप से जुड़े हैं या अपना खुद का स्टार्ट-अप शुरू करने का सपना देख रहे हैं.
3. भारत तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि जनवरी 2016 में भारत ने एक महत्वाकांक्षी यात्रा की शुरुआत की थी. उस समय यह पहल भले ही छोटी लगती हो, लेकिन इसका लक्ष्य देश के भविष्य को मजबूत बनाना था.
आज उसी का परिणाम है कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन चुका है. पीएम मोदी ने कहा कि आज के भारतीय स्टार्ट-अप्स ऐसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जिनके बारे में 10 साल पहले सोचना भी मुश्किल था.
4. पहली बार मतदाता बने युवाओं के लिए अपील
पीएम मोदी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को लेकर एक खास सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि मतदाता लोकतंत्र की आत्मा होता है.
जैसे जन्मदिन पर खुशियां मनाई जाती हैं, वैसे ही जब कोई युवा पहली बार मतदाता बने, तो मोहल्ले, गांव या शहर में उसका अभिनंदन किया जाना चाहिए और मिठाइयां बांटी जानी चाहिए. इससे न सिर्फ युवाओं का उत्साह बढ़ेगा, बल्कि समाज में मतदान के प्रति जागरूकता भी मजबूत होगी.
5. जनभागीदारी और तमसा नदी का उदाहरण
प्रधानमंत्री मोदी ने पर्यावरण संरक्षण की बात करते हुए तमसा नदी का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि तमसा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है.
अयोध्या से निकलकर गंगा में मिलने वाली यह नदी कभी स्थानीय जनजीवन की धुरी हुआ करती थी, लेकिन प्रदूषण के कारण इसकी धारा प्रभावित होने लगी थी. पीएम मोदी ने बताया कि स्थानीय लोगों ने मिलकर सफाई अभियान चलाया, नदी के किनारों पर पेड़ लगाए और उसे फिर से जीवन दिया.
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