संसद में हंगामे पर पीएम मोदी ने जताई चिंता, कहा- 'नए सांसद नहीं बोलने पा रहे, ये उनके साथ अन्याय'

संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित होने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि सदन में हंगामे के कारण कई नए सांसद अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं, जो उनके साथ अन्याय है.

PM Modi expresses concern over the uproar in Parliament in breakfast meeting with mps
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नई दिल्ली: संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित होने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि सदन में हंगामे के कारण कई नए सांसद अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं, जो उनके साथ अन्याय है.

प्रधानमंत्री ने यह बात एनसीपी और शिवसेना के सांसदों के साथ हुई नाश्ते की बैठक के दौरान कही. उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे संसद की बहस में सक्रिय रूप से हिस्सा लें और संसदीय इतिहास को पढ़कर अपनी तैयारी मजबूत करें.

सांसदों को दी बहस में हिस्सा लेने की सलाह

पीएम मोदी ने कहा कि संसद में चर्चा के लिए बहुत सारी जानकारी और सामग्री उपलब्ध है. सांसदों को इसका इस्तेमाल करके मुद्दों की गहराई को समझना चाहिए और प्रभावी तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि सांसदों को अपने-अपने राज्यों के विकास पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि जब राज्य आगे बढ़ेंगे तभी देश भी तेजी से आगे बढ़ेगा.

करीब 45 सांसदों ने की मुलाकात

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री के साथ नाश्ते की बैठक में शिवसेना के 7 सांसद, एनसीपी के 20 सांसद, अजित पवार गुट के 2 सांसद और उपेंद्र कुशवाहा समेत करीब 45 सांसद शामिल हुए.

इस दौरान प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से बातचीत की और उनके क्षेत्रों से जुड़ी जानकारी ली.

संसदीय क्षेत्र के विकास पर दिया जोर

प्रधानमंत्री ने सांसदों को सलाह दी कि वे अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाएं. उन्होंने कहा कि विकास से जुड़े कामों के लिए सांसद जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं.

पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि वे अपने क्षेत्र के गरीब, मजदूर और किसानों से लगातार मिलें और उनकी समस्याओं को समझें.

उन्होंने सांसदों को अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की सलाह दी. पीएम ने कहा कि जब स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तभी देश की बेहतर सेवा की जा सकेगी.

एनडीए को मजबूत करने का संदेश

प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए को मजबूत बनाकर देश के विकास के लिए मिलकर काम करना है. उन्होंने कहा कि सरकार के लिए हर सांसद और हर सहयोगी दल महत्वपूर्ण है.

उन्होंने कहा कि किसी दल की ताकत सिर्फ सांसदों की संख्या से तय नहीं होती. एक सांसद वाला दल भी उतना ही महत्वपूर्ण है और उसे भी पूरा सम्मान दिया जाता है.

पूर्वोत्तर और देश के विकास का मुद्दा उठाया

पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि वे हमेशा नई जानकारी से अपडेट रहें. उन्होंने कहा कि सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों समेत पूरे देश के विकास पर लगातार काम किया है और आने वाले समय में विकास की गति को और तेज करना है.

विपक्ष से बातचीत का भी किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर है और इसकी कार्यवाही सुचारु रूप से चलना जरूरी है.

उन्होंने कहा कि सरकार ने सदन को सही तरीके से चलाने के लिए विपक्ष से भी बातचीत की है, लेकिन लगातार हंगामे के कारण न विपक्ष के सांसदों को अपनी बात रखने का मौका मिल रहा है और न ही सत्ता पक्ष के सांसदों को.

पीएम मोदी ने कहा कि संसद में सभी सांसदों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि लोकतंत्र मजबूत हो सके.

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