PM Modi Wishes Putin: भारत और रूस के बीच दशकों पुराने रणनीतिक रिश्ते एक बार फिर से सुर्खियों में हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की और उन्हें 73वें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं. बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों की मजबूती और भविष्य की साझेदारी को लेकर गहन चर्चा की.
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच यह बातचीत केवल औपचारिक बधाई तक सीमित नहीं रही. दोनों नेताओं ने भारत-रूस के विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की और इसे और अधिक प्रगाढ़ बनाने की प्रतिबद्धता जताई. प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि वे 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पुतिन का भारत में स्वागत करने को उत्सुक हैं.
दिसंबर में भारत आ सकते हैं पुतिन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति पुतिन के 5 दिसंबर को भारत दौरे पर आने की संभावना है. इस यात्रा के दौरान, दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, विज्ञान और तकनीकी सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है.
माना जा रहा है कि उनकी यह यात्रा एक या दो दिनों की हो सकती है. इससे पहले रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव नवंबर में भारत का दौरा करेंगे, जो शिखर सम्मेलन की तैयारियों का हिस्सा होगा. भारत और रूस के बीच अब तक 22 वार्षिक बैठकें हो चुकी हैं. पिछली बार 2021 में पुतिन भारत आए थे, जबकि 2024 में पीएम मोदी ने मॉस्को का दौरा किया था.
भारत को मिल सकते हैं और S-400 सिस्टम
इस बार शिखर सम्मेलन के दौरान भारत की रूस से अतिरिक्त S-400 वायु रक्षा प्रणाली खरीदने की चर्चा भी तेज है. भारत ने पहले ही 2018 में 5 यूनिट के लिए $5 अरब डॉलर का सौदा किया था. अब तक तीन रेजिमेंट भारत को मिल चुकी हैं, बाकी दो अगले साल तक आने की उम्मीद है. यही S-400 सिस्टम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से हुए हवाई हमलों को नाकाम करने में अहम साबित हुआ था.
पुतिन ने फिर की मोदी की तारीफ
राष्ट्रपति पुतिन ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक "मित्र, संतुलित और राष्ट्र हितैषी नेता" बताया. उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत की राष्ट्रवादी सरकार ने देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है.
पुतिन बोले, "प्रधानमंत्री मोदी एक बुद्धिमान और संतुलित नेता हैं. मैं उनके साथ सहज महसूस करता हूं." उन्होंने कहा, "सोवियत संघ के दिनों से भारत-रूस संबंध बेहद मजबूत रहे हैं और भारत ने इन रिश्तों को कभी नहीं भुलाया. हम इसकी सराहना करते हैं."
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