PM आवास योजना ग्रामीण; MP में घर बनाने के लिए मिलेंगे 1 लाख 20 हजार रुपये, 3 किस्तों में आएगा पैसा

मध्य प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 2025-26 वर्ष के लिए आवास निर्माण की प्रक्रिया को और भी तेज कर दिया है. इस योजना का उद्देश्य गरीब ग्रामीण परिवारों को स्वामित्व वाले घर प्रदान करना है, और राज्य सरकार ने इसके सफल क्रियान्वयन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

PM Awas Yojana Gramin in MP ₹1.20 lakh will be provided in three installments for building a house
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भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 2025-26 वर्ष के लिए आवास निर्माण की प्रक्रिया को और भी तेज कर दिया है. इस योजना का उद्देश्य गरीब ग्रामीण परिवारों को स्वामित्व वाले घर प्रदान करना है, और राज्य सरकार ने इसके सफल क्रियान्वयन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इन दिशा-निर्देशों में किस्तों के भुगतान और निगरानी के नए तरीके शामिल हैं, जिनसे योजना को अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से लागू किया जा सके.

किस्तों का भुगतान

अब तक आवास योजना में वितरित की जाने वाली राशि में कुछ प्रक्रियात्मक जटिलताएँ होती थीं, लेकिन नए दिशा-निर्देशों के तहत सरकार ने इसे सरल और पारदर्शी बनाने की कोशिश की है. राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब हितग्राहियों को कुल 1.20 लाख रुपये की राशि तीन किस्तों में दी जाएगी. प्रत्येक किस्त आवास निर्माण की प्रगति के अनुसार जारी की जाएगी.

पहली किस्त के रूप में ₹40,000 तब दिए जाएंगे, जब आवास स्वीकृत हो जाएगा. दूसरी किस्त भी ₹40,000 होगी और यह तब दी जाएगी जब मकान का निर्माण नींव (प्लिंथ लेवल) तक पहुँच जाएगा. अंतिम किस्त भी ₹40,000 की होगी और इसे छत निर्माण के बाद जारी किया जाएगा. यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि आवास निर्माण हर चरण में सही दिशा में चल रहा है.

मनरेगा जॉब कार्ड और मजदूरी भुगतान

नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि आवास स्वीकृति मिलने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि हितग्राही का मनरेगा जॉब कार्ड सक्रिय हो. यह निर्णय यह सुनिश्चित करेगा कि जिन लोगों को आवास मिल रहा है, उनके पास पहले से ही श्रमिकों के रूप में काम करने का अधिकार हो. इसके साथ ही, योजना के तहत आवास निर्माण के प्रत्येक चरण में मनरेगा से जुड़ी मजदूरी का भुगतान भी सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर किसी को उनके काम का उचित मूल्य मिल रहा है. इसके अतिरिक्त, योजना के संचालक दिनेश जैन ने सभी जिला पंचायत सीईओ को निर्देशित किया है कि पहले किस्त के भुगतान के साथ ही मनरेगा के मस्टर रोल की पुष्टि की जाए.

जियोटैगिंग और निगरानी

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. तकनीकी उपायों के द्वारा, प्रत्येक चरण में निर्माण कार्य की जियोटैग फोटो पोर्टल पर अपलोड की जाएगी. यह सुनिश्चित करेगा कि आवंटित राशि का सही तरीके से उपयोग हो रहा है और किसी प्रकार का दुरुपयोग नहीं हो रहा है.

इसके अलावा, हर आवास के निर्माण स्थल पर "मैन-टू-मैन" मार्किंग की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सभी संसाधनों का इस्तेमाल केवल आवास निर्माण के लिए ही हो. यह तकनीकी पहल न केवल भ्रष्टाचार को रोकने में मदद करेगी, बल्कि योजना के कार्यान्वयन में भी एक नई पारदर्शिता लेकर आएगी.

निगरानी के कड़े उपाय

सरकार ने सुनिश्चित किया है कि योजना के हर पहलू पर कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी स्तर पर प्रक्रिया में किसी प्रकार की ढिलाई न हो. हर आवास निर्माण की प्रगति पर विभागीय अधिकारी निगरानी रखेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि सभी निर्देशों का पालन सही तरीके से किया जा रहा है. इन उपायों के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आवास योजना के तहत बनाए जा रहे घर गुणवत्ता से भरपूर और समय पर पूरे हों.

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