'हमारी प्रतिभा से डरे हुए हैं, हमें इससे कोई दिक्कत...' H-1B वीजा मामले में पीयूष गोयल का दो टूक जवाब

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल जल्द ही अमेरिका की यात्रा पर जा रहे हैं, जहां वे द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर उच्चस्तरीय बैठक करेंगे.

Piyush Goyal blunt reply to America on H-1B visa issue
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल जल्द ही अमेरिका की यात्रा पर जा रहे हैं, जहां वे द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर उच्चस्तरीय बैठक करेंगे. इस अहम दौरे से पहले उन्होंने H-1B वीजा फीस में वृद्धि और अमेरिका की नीतियों को लेकर जो स्पष्ट टिप्पणी की है, वह न केवल भारत के रुख को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका और आत्मविश्वास का परिचायक भी है.

पीयूष गोयल ने दो टूक कहा कि दुनिया भारत की बुद्धिमत्ता, नवाचार क्षमता और कौशल से परिचित हो चुकी है, और कई देश अब हमारी प्रतिभा से कहीं न कहीं भयभीत हैं. लेकिन, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि भारत को इस डर से कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि यह भारत के लिए एक सम्मान की बात है.

अमेरिकी नीतियों पर भारत की चिंता

H-1B वीजा, जो मुख्यतः भारतीय तकनीकी पेशेवरों के लिए अमेरिका में रोजगार का माध्यम रहा है, अब एक राजनीतिक और आर्थिक मुद्दा बन चुका है. हाल ही में अमेरिका ने इस वीजा की फीस में भारी इजाफा कर दिया है, जिससे भारतीय कंपनियों और आईटी पेशेवरों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है.

गोयल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत इस मुद्दे को बातचीत के माध्यम से सुलझाना चाहता है. उनका कहना है कि भारतीय पेशेवर पूरी दुनिया में अपने काम से एक मिसाल पेश कर रहे हैं और उनकी मौजूदगी ने वैश्विक कंपनियों को प्रतिस्पर्धी, नवाचारी और कुशल बनाया है. ऐसे में उनके खिलाफ वीजा नियमों को सख्त करना, या उन पर अतिरिक्त शुल्क लगाना, वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी हानिकारक हो सकता है.

दुनिया भारत के साथ व्यापार बढ़ाना चाहती है

गोयल ने कहा कि आज दुनिया के अनेक देश भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) करने के इच्छुक हैं. उनका कहना था, "आज वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति मज़बूत हुई है. कई देश हमारे साथ व्यापारिक संबंधों को गहराना चाहते हैं, सहयोग बढ़ाना चाहते हैं, और दीर्घकालिक समझौते करना चाहते हैं."

उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत की मानव संसाधन क्षमता को दुनिया अब समझ रही है. चाहे वह इंजीनियर हो, डेटा साइंटिस्ट, डॉक्टर या डिजाइनर भारतीय युवा हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं. यही कारण है कि कई देश भारत की प्रतिभा को लेकर सतर्क हैं.

युवाओं से अपील: भारत में रहकर करें नवाचार

पीयूष गोयल ने खासतौर पर देश के युवाओं को संबोधित करते हुए उन्हें भारत में ही नवाचार और स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने कहा कि भारत में अब वो माहौल बन रहा है जहां कोई भी युवा अपने विचारों को व्यापार में बदल सकता है.

उन्होंने कहा, "आज भारत में इनोवेशन के लिए संसाधन हैं, नीतियों में लचीलापन है, और सरकार की ओर से समर्थन भी है. इसीलिए, हमें अमेरिका या किसी अन्य देश की ओर देखने की जरूरत नहीं है."

गोयल ने आगे यह भी जोड़ा कि मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों ने एक मजबूत बुनियाद तैयार की है, जिस पर युवा देश की अगली पीढ़ी का निर्माण कर सकते हैं.

भारत की आर्थिक वृद्धि बनी आकर्षण का केंद्र

वाणिज्य मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि भारत की अर्थव्यवस्था इस समय तेज़ी से आगे बढ़ रही है. वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भारत की GDP ग्रोथ 7.8% रही, जो वैश्विक स्तर पर सबसे तेज़ विकास दरों में से एक है.

उन्होंने यह साफ किया कि यह आर्थिक वृद्धि किसी संयोग से नहीं, बल्कि नीति आधारित सुधारों, इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश और उत्पादन क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयासों से संभव हुई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का हवाला देते हुए गोयल ने कहा कि यह तभी संभव होगा जब देश की प्रतिभा का पूरा दोहन भारत की धरती पर ही हो.