Israel Attack On Lebanon: लेबनान में हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं. इजरायल की तरफ से हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. शनिवार को एक बार फिर दक्षिण लेबनान के एक रिहायशी इलाके में हमला किया गया, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई. यह हमला नबातीह इलाके के मेफादौन कस्बे में एक घर पर किया गया, जिससे वहां डर और तनाव का माहौल बन गया है.
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब लोग अपने घरों में थे. अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. बताया जा रहा है कि इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है और कई लोग घायल भी हो सकते हैं. लगातार हो रहे हमलों की वजह से आम लोगों की जिंदगी मुश्किल होती जा रही है.
शांति वार्ता से पहले बढ़ा तनाव
यह हमला ऐसे वक्त हुआ है जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता होने वाली है. इस बातचीत में स्थायी युद्ध विराम पर चर्चा हो सकती है. ऐसे समय में हमला होना इस बात का संकेत देता है कि हालात अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुए हैं.
इस पूरी बातचीत में लेबनान भी एक अहम मुद्दा बना हुआ है. ईरान का कहना है कि पहले जो दो हफ्तों का युद्ध विराम हुआ था, उसमें लेबनान भी शामिल था. लेकिन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उस समझौते में लेबनान शामिल नहीं था. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद बना हुआ है.
बातचीत से पहले खींचतान
लेबनान पर हो रहे हमलों के कारण ईरान ने पहले इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत में शामिल होने से मना कर दिया था. हालांकि बाद में जब इजरायल ने लेबनान के साथ बातचीत के संकेत दिए, तब जाकर ईरान ने भी इस वार्ता में शामिल होने के लिए हामी भरी. इससे साफ है कि हालात कितने संवेदनशील हैं.
14 अप्रैल को सीधी बातचीत की तैयारी
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने बताया कि इजरायल के साथ सीधी बातचीत 14 अप्रैल से शुरू हो सकती है. इससे पहले दोनों देशों के राजदूतों ने आपस में बात की है, ताकि आगे की बातचीत का रास्ता तय किया जा सके. इस पूरी प्रक्रिया में अमेरिका मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.
जंग खत्म करने की कोशिश
लेबनान चाहता है कि इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच चल रही लड़ाई खत्म हो. इसके लिए वह सीधी बातचीत करना चाहता है, लेकिन वह चाहता है कि पहले युद्ध विराम लागू हो. ठीक उसी तरह जैसे अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हो रही है. इससे उम्मीद है कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो सकते हैं.
40 दिन में भारी तबाही
लेबनान में पिछले कुछ समय से लगातार हमले हो रहे हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, करीब 40 दिनों में लगभग 1,900 लोगों की मौत हो चुकी है. यह जंग 28 फरवरी के बाद और तेज हो गई थी. जिस दिन अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम हुआ, उसी दिन इजरायल ने लेबनान पर बड़ा हमला किया था, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान गई थी.
हमले अभी भी जारी
हाल ही में इजरायल के लड़ाकू विमानों ने नबातीह इलाके में एक सरकारी सुरक्षा दफ्तर के पास हमला किया, जिसमें कई अधिकारियों की मौत हो गई. इन हमलों से साफ है कि हालात अभी भी बेहद गंभीर बने हुए हैं और आम लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं.
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