याओंडे: कैमरून की राजनीतिक दुनिया में पॉल बिया ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है. देश की संविधान परिषद ने सोमवार को उन्हें हाल ही में संपन्न राष्ट्रपति चुनाव का विजेता घोषित किया. बिया 92 साल के हैं और 1982 से लगातार सत्ता में बने हुए हैं. इस नए कार्यकाल के साथ बिया 8वीं बार राष्ट्राध्यक्ष बनेंगे और उनका कार्यकाल 99 साल की उम्र तक चलेगा.
चुनावी नतीजे और मुकाबला
2 अक्टूबर को हुए चुनाव में बिया को कुल 53.66% वोट मिले, जबकि उनके मुख्य प्रतिद्वंदी इस्सा टीचिरोमा बाकरी को 35.19% वोट ही मिले. बिया ने 1982 में राष्ट्रपति पद संभाला था, जब पहले राष्ट्रपति अहमदू अहिजो ने इस्तीफा दिया. तब से अब तक उन्होंने 43 साल तक लगातार देश पर शासन किया है. कैमरून को 1960 में स्वतंत्रता मिली थी, और तब से अब तक केवल दो ही नेता देश की कमान संभाल चुके हैं.
गरीबी और देश की स्थिति
कैमरून में लगभग 3 करोड़ लोग रहते हैं और संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, देश की 43% आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही है. करीब एक तिहाई लोग रोजाना 2 डॉलर से भी कम में गुजारा करते हैं. इस साल लगभग 80 लाख लोग वोट डालने के योग्य हैं, जिनमें से 34,000 से अधिक लोग विदेशों में रहते हैं.
चुनाव से पहले हुई हिंसा
चुनाव परिणाम आने से पहले देश में तनाव देखने को मिला. दुआला शहर में विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों से टकराव में 4 प्रदर्शनकारी मारे गए और 100 से अधिक गिरफ्तार किए गए. प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को जाम किया और सरकार पर चुनाव में धांधली के आरोप लगाए. अन्य शहरों जैसे मारौआ और गरौआ में भी प्रदर्शन हुए.
बिया का चुनावी अंदाज
पॉल बिया लंबे समय से सार्वजनिक रूप से कम दिखने को प्राथमिकता देते हैं. इस चुनाव में उन्होंने केवल एक बार प्रचार किया, जो मारौआ शहर में हुआ. इस दौरान उन्होंने कहा कि वे जनता की समस्याओं को समझते हैं और अपने अनुभव के दम पर इन्हें हल कर सकते हैं.
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