संसदीय समितियों का हुआ पुनर्गठन, 24 स्थायी समितियों में थरूर और तेजस्वी सूर्या समेत कई नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी

Parliament Committee: केंद्र सरकार ने आखिरकार संसद की 24 स्थायी समितियों के पुनर्गठन पर अंतिम मुहर लगा दी है. ये वे समितियां हैं जो सरकार की नीतियों, विधेयकों और मंत्रालयों के कामकाज पर बारीकी से नजर रखती हैं. इस बार समितियों के गठन में कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ है, बल्कि अधिकतर चेहरों को फिर से वही जिम्मेदारियां दी गई हैं, जो वे पहले निभा रहे थे.

Parliamentary committees reconstituted Tharoor Tejasvi Surya standing committees responsibilities
Image Source: ANI/ File

Parliament Committee: केंद्र सरकार ने आखिरकार संसद की 24 स्थायी समितियों के पुनर्गठन पर अंतिम मुहर लगा दी है. ये वे समितियां हैं जो सरकार की नीतियों, विधेयकों और मंत्रालयों के कामकाज पर बारीकी से नजर रखती हैं. इस बार समितियों के गठन में कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ है, बल्कि अधिकतर चेहरों को फिर से वही जिम्मेदारियां दी गई हैं, जो वे पहले निभा रहे थे.

सरकार के इस फैसले से कांग्रेस सांसद शशि थरूर, बीजेपी के निशिकांत दुबे, और अन्य वर्तमान अध्यक्षों को राहत मिली है. थरूर जहां विदेश मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे, वहीं राजीव प्रताप रूडी को फिर से जल संसाधन समिति की कमान दी गई है.

सभी दलों को मिला प्रतिनिधित्व

  • बीजेपी को 11 समितियों की जिम्मेदारी सौंपी गई है
  • कांग्रेस को 4 समितियों का प्रभार मिला है
  • टीएमसी और डीएमके को 2-2 समितियां मिली हैं
  • सपा, जेडीयू, एनसीपी (अजित पवार), टीडीपी, शिवसेना (शिंदे गुट) को 1-1 समिति की जिम्मेदारी सौंपी गई है

प्रमुख नियुक्तियां:

  • दिग्विजय सिंह (कांग्रेस): महिला-बाल विकास, शिक्षा और युवा मामलों की समिति
  • रामगोपाल यादव (सपा): स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति
  • टी. शिवा (डीएमके): उद्योग समिति
  • संजय कुमार झा (जेडीयू): परिवहन समिति
  • राधा मोहन अग्रवाल (बीजेपी): गृह मामलों की समिति
  • डोला सेन (टीएमसी): वाणिज्य समिति
  • भर्तृहरि महताब: वित्त समिति
  • कीर्ति आजाद: रसायन एवं उर्वरक
  • सी एम रमेश: रेलवे समिति
  • अनुराग ठाकुर: कोयला, खनन और स्टील समिति
  • तेजस्वी सूर्या: जनविश्वास बिल सिलेक्ट कमेटी
  • बैजयंत पांडा: इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड सिलेक्ट कमेटी

आखिर ये समितियां करती क्या हैं?

संसदीय स्थायी समितियां संसद के सत्रों के बीच काम करने वाला एक मजबूत तंत्र होती हैं, जिन्हें 'मिनी संसद' भी कहा जाता है. ये समितियां न सिर्फ कानूनों की समीक्षा करती हैं, बल्कि मंत्रालयों की जवाबदेही तय करने में भी अहम भूमिका निभाती हैं. इनमें लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सदस्य होते हैं और यह शासन के हर क्षेत्र पर नजर रखती हैं.

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