बाप रे बाप! 15136008 करोड़ रुपए आया हलवाई की दुकान का बिजली बिल, देखते ही पैरों तले खिसक गई जमीन

Panchkula News: हरियाणा के पंचकूला जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक छोटे दुकानदार को बिजली विभाग की गलती के कारण 1 करोड़ से ज्यादा का बिल थमा दिया गया.

Panchkula electricity department negligence causes shopkeeper monthly bill to reach crores
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Panchkula News: हरियाणा के पंचकूला जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक छोटे दुकानदार को बिजली विभाग की गलती के कारण 1 करोड़ से ज्यादा का बिल थमा दिया गया. इस घटना ने न केवल संबंधित दुकानदार को चिंता में डाल दिया, बल्कि बिजली विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

हलवाई की दुकान पर आया करोड़ों का बिल

यह मामला पंचकूला के बरवाला क्षेत्र के ककराली गांव का है. यहां एक हलवाई की दुकान चलाने वाले दुकानदार ने जब अपना ऑनलाइन बिजली बिल चेक किया, तो उसके होश उड़ गए. बिल में राशि दर्ज थी – ₹1,51,36,008 (एक करोड़ 51 लाख 36 हजार आठ रुपए). दुकानदार ने बताया कि उसकी दुकान का बिल आमतौर पर कुछ हजार रुपए आता है, लेकिन इस बार यह आंकड़ा करोड़ों तक पहुंच गया, जो सरासर विभाग की एक बड़ी चूक की ओर इशारा करता है.

तीन बार चेक किया, फिर भी वही गलती

दुकानदार ने जब बिल नंबर 191287392772 को दोबारा चेक किया, तो भी वही बड़ी राशि सामने आई. बिल को तीन बार ऑनलाइन चेक करने के बावजूद कोई बदलाव नहीं दिखा, जिससे साफ है कि यह तकनीकी गड़बड़ी से जुड़ा मामला है.

शिकायत दर्ज, भुगतान रोका गया

घटना से परेशान दुकानदार ने तुरंत बिजली विभाग से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत की. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह तब तक बिल का भुगतान नहीं करेंगे, जब तक विभाग इस गलती को सुधार नहीं देता.

स्थानीय लोगों में नाराज़गी

इस घटना के बाद गांव के लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली. लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से उपभोक्ताओं को मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव झेलना पड़ता है. कई बार छोटे उपभोक्ताओं को भी इस तरह के अनियमित और भारी भरकम बिल थमा दिए जाते हैं, जिससे वे परेशान हो जाते हैं.

बिजली विभाग ने मानी गलती, जल्द सुधार का आश्वासन

जब मामला बिजली विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा, तो एसडीओ (SDO) ने इस गलती को स्वीकार करते हुए बताया कि यह एक तकनीकी त्रुटि थी. उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को बिल सुधारने के निर्देश दे दिए गए हैं और 10 दिनों के भीतर सही बिल जारी कर दिया जाएगा. एसडीओ ने उपभोक्ता को आश्वस्त करते हुए कहा कि उसे वास्तविक खपत के आधार पर ही बिल देना होगा, और इस तरह की गलती भविष्य में न हो, इसके लिए तकनीकी जांच की जा रही है.

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