इस्लामाबाद: पाकिस्तान में सुरक्षा स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने एक बार फिर पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाया है. सोमवार को खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत के कुर्रम जिले में TTP ने सुरक्षाबलों पर दो अलग-अलग हमलों को अंजाम दिया.
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मनाटो इलाके में TTP के इन हमलों में 6 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए और कम से कम चार गंभीर रूप से घायल हुए. यह हमला असीम मुनीर के पाकिस्तान के नए चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) बनने के ठीक बाद हुआ, जिससे माना जा रहा है कि TTP ने सीधे तौर पर नई सैन्य नेतृत्व को चुनौती दी है.
TTP के हमलों का विस्तृत परिदृश्य
खैबर पख्तूनख्वा में TTP की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं. कुर्रम जिले में हुए हमलों से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, TTP ने एक के बाद एक हमले करके सुरक्षा बलों को चौकन्ना कर दिया. इन हमलों में शामिल गोलाबारी और छापा मार कार्रवाई के कारण इलाके में नागरिक और सुरक्षा बलों दोनों के लिए स्थिति गंभीर बनी हुई है.
TTP की ओर से लगातार इस तरह के हमले पाकिस्तान के लिए खतरे का संकेत हैं. खैबर पख्तूनख्वा में पाकिस्तानी सेना और TTP के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है. यहां कई सालों से मुठभेड़ और आतंकवादी हमले जारी हैं, जिसमें आम नागरिक भी प्रभावित हुए हैं.
पिछले हमलों का इतिहास
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत पाकिस्तान के लिए हमेशा से ही सुरक्षा चुनौती वाला क्षेत्र रहा है. पिछले कुछ महीनों में TTP ने कई हमले किए हैं:
नॉर्थ वजीरिस्तान में हाल ही में एक सरकारी अधिकारी की गाड़ी पर हमला हुआ, जिसमें 5 लोग मारे गए थे. अब कुर्रम जिले में दो हमलों में 6 सुरक्षाकर्मी मारे गए.
TTP ने इस क्षेत्र में सेना और पुलिस बलों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हमलों की योजना बनाई है. इससे स्थानीय सुरक्षा स्थिति बिगड़ती जा रही है और क्षेत्र में स्थायी अशांति का माहौल है.
अफगानिस्तान से TTP की मदद का आरोप
पाकिस्तान बार-बार आरोप लगाता रहा है कि TTP के लड़ाके अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकाने बना रहे हैं और वहां से पाकिस्तान में घुसकर हमले कर रहे हैं. इस्लामाबाद का कहना है कि काबुल में सत्ता पर काबिज अफगान तालिबान TTP पर नियंत्रण नहीं रखता और उन्हें शरण दे रहा है.
हालांकि, अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार इस दावे को खारिज करती रही है. दोनों देशों के बीच इस मुद्दे को लेकर सीमा पर तनाव और गोलीबारी की घटनाएं भी देखी गई हैं. इस परिस्थिति ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों में खटास पैदा कर दी है.
मुनीर और पाकिस्तान की नई सैन्य रणनीति
असीम मुनीर के CDF बनने के बाद TTP ने जो हमला किया, उसे पाकिस्तान की सेना के लिए सीधी चुनौती माना जा रहा है. मुनीर ने पद संभालते ही आक्रामक और रणनीतिक कदम उठाने शुरू किए हैं, जिनमें सीमा सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियान शामिल हैं.
हालांकि TTP ने इन हमलों के माध्यम से यह संदेश भी दिया है कि वह पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है. इस कारण खैबर पख्तूनख्वा में सेना और TTP के बीच लड़ाई बढ़ सकती है.
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