भारत दुनिया की... पाकिस्तान के मौलाना डीजल ने ऐसा क्या बोला, जिसे सुन बौखला जाएंगे शहबाज-मुनीर!

Maulana Diesel On Pakistan: पाकिस्तान के कट्टरपंथी राजनीतिक दल जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत की तारीफ की है. उन्होंने पाकिस्तान के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि देश को भारत के खिलाफ बयानबाजी करने के बजाय अपनी आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए.

Pakistani leader praises India economic strength Shehbaz Munir
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Maulana Diesel On Pakistan: पाकिस्तान के कट्टरपंथी राजनीतिक दल जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत की तारीफ की है. उन्होंने पाकिस्तान के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि देश को भारत के खिलाफ बयानबाजी करने के बजाय अपनी आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए.

मौलाना फजलुर रहमान ने कहा कि पाकिस्तान इस समय आर्थिक परेशानी, राजनीतिक अस्थिरता और सामाजिक तनाव जैसी कई चुनौतियों से जूझ रहा है. ऐसे में नेताओं को जमीनी हकीकत को समझकर देश की स्थिति सुधारने पर ध्यान देना चाहिए.

फजलुर रहमान ने भारत की आर्थिक ताकत का किया जिक्र

फजलुर रहमान ने कहा कि पाकिस्तान अक्सर भारत के साथ युद्ध और टकराव की बातें करता है, लेकिन पहले दोनों देशों की मौजूदा स्थिति को समझना जरूरी है. उन्होंने भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था और बड़े विदेशी मुद्रा भंडार का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को अपने हालात पर ध्यान देने की सलाह दी.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को यह देखना चाहिए कि अर्थव्यवस्था, न्यायपालिका और कानून-व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में उसकी स्थिति दुनिया में क्या है. उनके मुताबिक, भारत लगातार आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, जबकि पाकिस्तान को अपनी कई अंदरूनी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

प्रांतों के बंटवारे का भी किया विरोध

फजलुर रहमान ने पाकिस्तान में प्रांतों के संभावित पुनर्गठन की चर्चा का भी विरोध किया. उन्होंने कहा कि जब देश पहले से आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहा है, तब प्रांतों के बंटवारे की बात करना सही नहीं है.

उनका कहना है कि इसके लिए न तो सही राजनीतिक माहौल तैयार है और न ही कोई ठोस तैयारी हुई है. ऐसे फैसले से देश में राजनीतिक तनाव और अविश्वास बढ़ सकता है.

उन्होंने प्रांतीय अधिकारों और संसाधनों के बंटवारे का मुद्दा भी उठाया. फजलुर रहमान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में कुछ ताकतवर समूह लंबे समय से 18वें संवैधानिक संशोधन के प्रभाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं. इस संशोधन के बाद प्रांतों को पहले के मुकाबले ज्यादा अधिकार मिले थे.

कौन हैं मौलाना फजलुर रहमान?

मौलाना फजलुर रहमान पाकिस्तान के प्रमुख राजनेताओं में से एक हैं और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल के प्रमुख हैं. वह कई वर्षों तक पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्य रहे हैं. वह 2004 से 2007 के बीच विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं.

फजलुर रहमान को पाकिस्तान की धार्मिक राजनीति में प्रभावशाली नेता माना जाता है. वह पाकिस्तान में इस्लामी कानून लागू करने की मांग भी करते रहे हैं और अफगानिस्तान के तालिबान नेतृत्व के साथ उनके करीबी संबंध बताए जाते हैं.

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