'पाकिस्तान टू-फ्रंट वॉर के लिए तैयार, अल्‍लाह मदद करेगा...' ख्वाजा आसिफ ने भारत-तालिबान को दी गीदड़भभकी

पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर जंग की गूंज सुनाई दी है. देश के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मंगलवार को दिए एक बयान में भारत और अफगानिस्तान को निशाने पर लेते हुए कहा कि पाकिस्तानी सेना “दो मोर्चों पर युद्ध” के लिए पूरी तरह तैयार है.

Pakistani Khwaja Asif gave a warning to India-Taliban
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इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर जंग की गूंज सुनाई दी है. देश के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मंगलवार को दिए एक बयान में भारत और अफगानिस्तान को निशाने पर लेते हुए कहा कि पाकिस्तानी सेना “दो मोर्चों पर युद्ध” के लिए पूरी तरह तैयार है. आसिफ के इस बयान ने न सिर्फ दक्षिण एशिया में तनाव बढ़ा दिया है, बल्कि पाकिस्तान की आंतरिक अस्थिरता और सीमा-पार नीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

दरअसल, आसिफ का यह बयान उस वक्त आया जब इस्लामाबाद में एक आत्मघाती धमाका हुआ, जिसमें 12 लोगों की मौत और 36 लोग घायल हो गए. यह धमाका पाकिस्तान की राजधानी के एक सुरक्षात्मक क्षेत्र में हुआ, जिससे सरकार में हड़कंप मच गया. इससे पहले वजीरिस्तान में भी एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ था.

आसिफ ने भारत पर उकसावे का आरोप लगाया

इन हमलों के तुरंत बाद पाकिस्तान सरकार ने अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकी गुटों को दोषी ठहराया और भारत पर भी उकसावे का आरोप लगाया. रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान को “दोनों मोर्चों” से चुनौतियों का सामना है, एक ओर भारत, और दूसरी ओर अफगानिस्तान की धरती से संचालित आतंकवादी संगठन.

भारत और तालिबान, दोनों का सामना करने को तैयार

ख्वाजा आसिफ ने अपने बयान में कहा, “पाकिस्तानी सेना दो मोर्चों पर लड़ाई के लिए तैयार है. हमें भारत से पूर्वी सीमा पर और अफगान तालिबान से पश्चिमी सीमा पर खतरा है. लेकिन हमें भरोसा है कि अल्लाह तआला हमारी मदद करेगा जैसे उसने पहले की थी. हम दोनों मोर्चों पर जीत हासिल करेंगे.”

आसिफ के इस बयान को पाकिस्तान के भीतर कई विश्लेषक “राजनीतिक नाटक” करार दे रहे हैं, जिसका मकसद जनता का ध्यान आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और आंतरिक अस्थिरता से हटाना है.

भारत और अफगानिस्तान पर साजिश का आरोप

ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान में हाल में बढ़े आतंकी हमलों के पीछे अफगानिस्तान में सक्रिय उग्रवादी संगठन हैं, जिन्हें “भारत से समर्थन” मिल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत और अफगानिस्तान “मिलकर पाकिस्तान को अस्थिर करने की साजिश रच रहे हैं.”

हालांकि, भारत ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि वह किसी भी देश के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देता. वहीं, अफगान तालिबान सरकार ने भी पाकिस्तान के आरोपों को “बे-बुनियाद” बताया है और कहा है कि इस्लामाबाद अपनी नाकाम सुरक्षा नीतियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ रहा है.

शहबाज बोले- “हमले कराने वाले बाहर बैठे हैं”

रक्षा मंत्री के बयान के एक दिन बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नेशनल असेंबली में संबोधन देते हुए कहा कि पाकिस्तान में हालिया आतंकी हमलों के पीछे “बाहरी ताकतों” का हाथ है. उन्होंने सीधे-सीधे भारत और अफगानिस्तान का नाम लेते हुए कहा कि ये दोनों देश “हमारी स्थिरता के खिलाफ काम कर रहे हैं.”

शहबाज ने कहा, “यह अब कोई रहस्य नहीं रहा कि पाकिस्तान में हो रहे हमले हमारी सीमाओं के पार से संचालित किए जा रहे हैं. दक्षिण वजीरिस्तान और इस्लामाबाद में हुए धमाके यह दिखाते हैं कि इसके पीछे विदेशी ताकतों का गठजोड़ है.”

प्रधानमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि पाकिस्तान अपने खिलाफ किसी भी आतंकी कार्रवाई का “कड़ा जवाब” देगा.

आंतरिक संकटों से जूझ रहा पाकिस्तान

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के नेता जब भी घरेलू संकटों में घिरते हैं, वे अक्सर “भारत-विरोधी बयानबाजी” का सहारा लेते हैं. इस समय पाकिस्तान में महंगाई रिकॉर्ड स्तर पर है, विदेशी मुद्रा भंडार बेहद कम हैं और IMF के साथ राहत पैकेज को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा हुआ है.

इसके साथ ही, देश के भीतर आतंकवादी हमलों की संख्या लगातार बढ़ रही है. केवल 2025 में अब तक 400 से अधिक सुरक्षा बलों और नागरिकों की मौत आतंकी घटनाओं में हो चुकी है. वजीरिस्तान, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे इलाके एक बार फिर आतंकवाद के गढ़ बनते जा रहे हैं.

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