सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने कड़ा रुख अपनाया है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हूतियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि सऊदी अरब पर हमला मक्का समझौते में शामिल सभी देशों पर हमला माना जाएगा. उनके बयान से यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर सऊदी अरब और हूतियों के बीच संघर्ष बढ़ता है तो क्या पाकिस्तान इसमें सीधे उतर सकता है.
ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तानी समाचार चैनल दुनिया न्यूज के एक कार्यक्रम में इस मुद्दे पर बात की. उनसे पूछा गया था कि सऊदी अरब पर हूतियों के हमले की स्थिति में मक्का समझौते के तहत पाकिस्तान की क्या भूमिका होगी. इस पर उन्होंने कहा कि समझौते के तहत किसी एक देश के खिलाफ की गई आक्रामक कार्रवाई तीनों देशों के खिलाफ हमला मानी जाएगी.
मक्का समझौते पर पाकिस्तान का साफ संदेश
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा कि मक्का समझौते को लेकर किसी तरह की उलझन नहीं है. उनके मुताबिक यह एक संयुक्त रक्षा समझौता है और इसकी शर्तें साफ हैं.
Pakistan Defense Minister WARNS Yemen's Ansarallah:
— RT Intl (@RT_on_X) September 8, 2026
'Aggression against ONE COUNTRY will be considered and ATTACK on ALL THREE'
Says under Mecca Agreement there is 'NO AMBIGUITY... this is a JOINT DEFENSE AGREEMENT' pic.twitter.com/NZWXsc6Jms
सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने अगस्त में मक्का में इस रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इसके तहत तीनों देशों ने एक-दूसरे की सुरक्षा को लेकर साथ खड़े होने की बात कही है. इस समझौते की तुलना नाटो के सामूहिक रक्षा नियम से भी की जा रही है.
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की इस समझौते में दूसरे मुस्लिम देशों को भी जोड़ना चाहते हैं. भारत के पड़ोसी बांग्लादेश की ओर से भी इसमें शामिल होने में रुचि दिखाई गई है.
सऊदी ठिकानों पर हमले का हूतियों ने किया दावा
पाकिस्तान की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब में कई ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है. हूती समर्थित मीडिया के मुताबिक, हमलों में अभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, किंग खालिद एयर बेस और सऊदी तेल कंपनी अरामको की अभा और जजान स्थित सुविधाओं को निशाना बनाया गया.
इससे पहले हूतियों ने सऊदी अरब पर यमन के कई इलाकों में हवाई और क्रूज मिसाइल हमले करने का आरोप लगाया था. यमन में सरकारी बलों और हूती लड़ाकों के बीच संघर्ष भी अलग-अलग इलाकों में बढ़ता जा रहा है.
हूती समर्थित अल-मसीरा टीवी ने दावा किया कि सऊदी सेना ने अल-जौफ, अल-बैदा, मारीब और ताइज प्रांतों में कई हमले किए. हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने यह भी कहा कि उनके लड़ाकों ने उत्तरी अल-जौफ में एक सऊदी सीएच-4 निगरानी ड्रोन को मार गिराया.
बढ़ते हमलों से तनाव और गहराया
सऊदी अरब के नेतृत्व वाला सैन्य गठबंधन यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है. गठबंधन ने हूतियों के हमलों की निंदा करते हुए इन्हें तनाव बढ़ाने वाला बताया है.
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि हूतियों की बढ़ती सैन्य गतिविधियां सऊदी अरब, उसकी संपत्तियों और नागरिकों को खतरे में डाल रही हैं. उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना और आक्रामक रवैया बताया.
ऐसे में ख्वाजा आसिफ की चेतावनी के बाद अब नजर इस बात पर है कि अगर सऊदी अरब और हूतियों के बीच संघर्ष और बढ़ता है, तो मक्का समझौते के तहत पाकिस्तान किस तरह की भूमिका निभाता है.
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