पाकिस्तान की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है. अडियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हालत को लेकर देशभर में असमंजस और विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. शहबाज शरीफ सरकार और जेल प्रशासन दावा कर रहे हैं कि इमरान खान पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं,
लेकिन दूसरी ओर उनके परिवार और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का कहना है कि सच इससे बिल्कुल अलग है. उनकी चिंता है कि इमरान की वास्तविक स्थिति छिपाई जा रही है.गुरुवार को यह मुद्दा पाकिस्तान की नेशनल असेंबली तक पहुंच गया, जहां इस पर जमकर बहस हुई और सरकार से कई कड़े सवाल पूछे गए.
संसद में गूंजा सवाल: इमरान को एकांत कारावास में क्यों रखा गया?
नेशनल असेंबली में PTI सांसद फैसल जावेद ने जोरदार तरीके से इमरान खान के मामले को उठाते हुए पूछा कि आखिर उन्हें एकांत कारावास में क्यों रखा गया है. जावेद ने कहा कि पिछले तीन हफ्तों से इमरान के परिवार को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा, यहां तक कि वकीलों को भी एंट्री नहीं दी गई. उन्होंने सरकार से साफ-साफ जवाब मांगा और कहा कि यदि 24 घंटों में मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई, तो PTI देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी.
गृह मंत्री ने VIP सुविधाओं का हवाला दिया, सदन में हंगामा
PTI के सवालों पर जवाब देते हुए गृह मंत्री तलाल चौधरी ने कहा कि इमरान खान को “मोस्ट VIP कैदी” के तौर पर रखा गया है. उनके अनुसार इमरान को जेल में पर्सनल कुक, डॉक्टर, एक्सरसाइज उपकरण और कई अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं. इस बयान पर विपक्षी सांसद भड़क उठे. PTI नेताओं ने सरकार पर इमरान की हालत छुपाने का आरोप लगाया, जिससे सदन में हंगामा मच गया और कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी.
2023 से अडियाला जेल में बंद हैं इमरान
इमरान खान को अगस्त 2023 में नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने अल-कादिर ट्रस्ट मामले में गिरफ्तार किया था. इस केस में उन पर और उनकी पत्नी बुशरा बीबी पर भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप हैं. विपक्ष का आरोप है कि यह केस राजनीतिक बदले की कार्रवाई है, जबकि सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार के प्रमाण स्पष्ट हैं. PTI का दावा है कि इमरान की गिरफ्तारी और जेल में कठोर रवैया उनकी लोकप्रियता को रोकने की कोशिश है. पार्टी खुले तौर पर कह चुकी है कि जब तक इमरान रिहा नहीं होते, उनका संघर्ष जारी रहेगा.
संसद में मचा हंगामा
इमरान खान की वास्तविक स्थिति को लेकर बढ़ते संदेह और संसद में मचे हंगामे ने पाकिस्तान के राजनीतिक वातावरण में नई अस्थिरता भर दी है. अब सबकी नजरें इस पर हैं कि क्या सरकार 24 घंटे में परिवार की मुलाकात की अनुमति देती है या PTI देश भर में बड़े विरोध प्रदर्शनों का आगाज़ करती है.
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