संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने की भारत की मांग का पाकिस्तान ने एक बार फिर विरोध किया है. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद ने भारत का नाम लिए बिना कहा कि पाकिस्तान सुरक्षा परिषद में नए स्थायी सदस्यों को शामिल करने के पक्ष में नहीं है. इसके बजाय उन्होंने अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने की वकालत की. आसिम इफ्तिखार अहमद को पाकिस्तान का नया विदेश सचिव भी नियुक्त किया गया है और वह अगले सप्ताह यह जिम्मेदारी संभालेंगे.
स्थायी सीट बढ़ाने का विरोध
पाकिस्तानी अखबार डॉन से बातचीत में आसिम इफ्तिखार अहमद ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दुनिया में शांति और सुरक्षा की स्थिति के साथ-साथ सुरक्षा परिषद के अंदर हुए घटनाक्रमों ने सदस्य देशों के बीच एक राय मजबूत की है. उनके मुताबिक सुरक्षा परिषद को ज्यादा लोकतांत्रिक, प्रतिनिधि और जवाबदेह बनाने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि किसी नए देश को स्थायी सदस्य बनाने से मौजूदा समस्या का समाधान नहीं होगा. उनका कहना था कि नए स्थायी सदस्य को शामिल करना समस्या को और बढ़ा सकता है.
अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने की बात
आसिम इफ्तिखार अहमद ने 'यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस' समूह का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि यह समूह ऐसी सुरक्षा परिषद की मांग करता है, जिसमें ज्यादा चुने हुए सदस्य हों. 12 देशों के इस समूह को 'कॉफी क्लब' के नाम से भी जाना जाता है. यह UNSC में स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने का विरोध करता है.
इस समूह में पाकिस्तान के अलावा तुर्की, इटली, कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसे देश शामिल हैं. पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के दौरान भी इस समूह ने सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने का विरोध किया था.
आसिम इफ्तिखार अहमद ने कहा कि पाकिस्तान और कई दूसरे देश सुरक्षा परिषद में योगदान देने और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं. उन्होंने कहा कि देशों को बिना स्थायी सदस्यता और विशेष अधिकार के भी इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए तैयार रहना चाहिए.