39 दिन, 50 मौत... मुनीर की सेना ने PoJK में मचाया कत्लेआम, ये रिपोर्ट जानकर रह जाएंगे दंग!

PoK Protest: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात को लेकर जम्मू-कश्मीर ह्यूमन राइट्स ऑब्जर्वेटरी (JKHRO) ने एक नई रिपोर्ट जारी की है. यह रिपोर्ट 5 जून से 14 जुलाई के बीच की घटनाओं पर आधारित है.

Pakistan Munir army unleashed a massacre in PoJK this report will leave you stunned
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PoK Protest: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात को लेकर जम्मू-कश्मीर ह्यूमन राइट्स ऑब्जर्वेटरी (JKHRO) ने एक नई रिपोर्ट जारी की है. यह रिपोर्ट 5 जून से 14 जुलाई के बीच की घटनाओं पर आधारित है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस दौरान कई जगह हालात बेहद खराब रहे और लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा.

रावलाकोट में लंबे समय से कर्फ्यू जैसे हालात

रिपोर्ट के मुताबिक, रावलाकोट में 39 दिनों से ज्यादा समय से कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं. संगठन का कहना है कि 60 हजार से अधिक लोग आंदोलन में शामिल हुए. इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया गया और बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया. कई लोगों को हिरासत में लेने और कुछ के लापता होने के भी आरोप लगाए गए हैं.

इंटरनेट बंद होने से जरूरी सेवाएं हुईं प्रभावित

रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन लोगों की मौत हुई, उनके शव परिजनों को सौंपने में देरी की गई. कई घरों पर छापेमारी की गई, संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया और कुछ लोगों के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई भी की गई.

संगठन का दावा है कि कई इलाकों में इंटरनेट, मोबाइल और दूसरी संचार सेवाएं बंद कर दी गईं. इसके कारण लोगों को खाने-पीने का सामान, दवाइयां, बच्चों का दूध, इलाज और आने-जाने जैसी जरूरी सुविधाएं पाने में दिक्कत हुई.

50 से ज्यादा मौतों का दावा, 34 की पुष्टि

रिपोर्ट में 50 से ज्यादा लोगों की मौत का दावा किया गया है. हालांकि, जेकेएचआरओ का कहना है कि उसके स्वयंसेवकों, स्थानीय पत्रकारों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर अब तक 34 मौतों की पुष्टि हो सकी है.

रिपोर्ट के अनुसार, सैकड़ों लोग घायल हुए हैं और हजारों लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है. संगठन का कहना है कि इन प्रतिबंधों का असर 30 लाख से ज्यादा लोगों पर पड़ सकता है.

कई जगहों पर कार्रवाई का जिक्र

रिपोर्ट में 5 जुलाई को डडियाल, 9 जुलाई को कोटेरी, 11 जुलाई को जंदाला क्रॉस और 14 जुलाई को बलोच बस स्टैंड तथा मुत्यालमेरा में हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया गया है. इन घटनाओं में आम लोगों के मारे जाने और घायल होने के आरोप लगाए गए हैं.

जेकेएचआरओ ने रखीं ये प्रमुख मांगें

संगठन ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. इसके साथ ही मृतकों, घायलों, हिरासत में लिए गए और लापता लोगों की आधिकारिक सूची जारी करने की बात कही है.

रिपोर्ट में यह भी मांग की गई है कि लोगों तक बिना किसी रुकावट के राहत सामग्री और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं, इंटरनेट और संचार सेवाएं फिर से शुरू की जाएं, स्वतंत्र पत्रकारों और मानवाधिकार संगठनों को क्षेत्र में जाने की अनुमति मिले और प्रदर्शनकारियों तथा प्रशासन के बीच बातचीत शुरू कराई जाए.

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