Bahawalpur Terror Base: पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का वह ठिकाना, जिसे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निशाना बनाया था, करीब 15 महीने बाद फिर से तैयार किए जाने का दावा किया गया है. एक समाचार चैनल की रिपोर्ट में सामने आई तस्वीरों और वीडियो के आधार पर यह जानकारी दी गई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, परिसर में नई मार्बल लगाई गई है. इसके अलावा प्लास्टर और पेंट का काम भी किया गया है. मरम्मत के बाद हमले से हुए नुकसान के निशान काफी हद तक दिखाई नहीं दे रहे हैं.
7 मई 2025 को हुआ था हमला
भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. यह कार्रवाई पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी.
रिपोर्ट के अनुसार, बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय भी इस कार्रवाई में निशाने पर था. हमले के दौरान परिसर के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा था. अब सामने आई तस्वीरों में मुख्य परिसर की मरम्मत पूरी होती दिखाई दे रही है. इमारतों से मलबा हटा दिया गया है और कई जगह नया निर्माण भी किया गया है.
25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये खर्च होने का दावा
रिपोर्ट में खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि परिसर को दोबारा तैयार करने में करीब 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये खर्च किए गए. बताया गया है कि यह रकम नकद किस्तों में दी गई.
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 11 करोड़ रुपये मुख्य हॉल की मरम्मत पर खर्च किए गए. हमले में हॉल को हुए नुकसान को ठीक करने के साथ वहां बने गड्ढों को भरा गया और टूटे हुए गुंबदों की भी मरम्मत की गई.
परिसर की कुछ क्षतिग्रस्त इमारतों को हटाकर उनकी जगह नए निर्माण का भी दावा किया गया है. इनमें मदरसा अल-सबीर और जैश के कमांडरों के रहने के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ आवास शामिल बताए गए हैं.
अप्रैल 2026 से चल रहा था निर्माण
रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल 2026 में सामने आई तस्वीरों में परिसर के अंदर भारी मशीनें और निर्माण में इस्तेमाल होने वाले वाहन नजर आए थे. उस समय टूटे हुए गुंबदों की मरम्मत का काम चल रहा था. मई में सामने आई हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरों में भी निर्माण कार्य के संकेत मिले थे. अब नई तस्वीरों में पूरा परिसर पहले की तुलना में काफी साफ और नया नजर आ रहा है
आतंकी गतिविधियों से जुड़ा रहा है परिसर
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बहावलपुर का यह परिसर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी गतिविधियों का अहम केंद्र रहा है. यहां भर्ती, ट्रेनिंग, शारीरिक अभ्यास और धार्मिक शिक्षा जैसी गतिविधियां होने की बात कही गई है.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह भी दावा किया गया था कि जैश-ए-मोहम्मद समेत कुछ आतंकी संगठनों ने अपने ठिकाने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में स्थानांतरित किए हैं.
भारत ने 9 आतंकी ठिकानों को बनाया था निशाना
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय अधिकारियों ने बताया था कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था.
एयर मार्शल एके भारती ने उस समय कहा था कि 7 मई को भारत ने नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया. उन्होंने यह भी बताया था कि भारतीय कार्रवाई में पाकिस्तान के 11 एयरफील्ड को निशाना बनाया गया और जमीन या हवा में उसके 13 विमान नष्ट किए गए.
अब बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने के दोबारा तैयार होने का दावा ऐसे समय सामने आया है, जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में आतंकी संगठनों की गतिविधियों और उनके ठिकानों पर भारत की नजर बनी हुई है.
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